बीकानेर. विदेशी और देशी मेहमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए होटल व्यवसायियों ने होटलों का ढांचागत विकास करना शुरू कर दिया है। शहर के कई नामचीन होटलों में आगामी सीजन को देखते हुए इंटीरियर डेकोरेशन के कार्य भी करवाए जा रहे हैं। हर वर्ष दो लाख से अधिक पर्यटक बीकानेर आते हैं और होटल व्यवसाय में काफी इजाफा भी हुआ है।
जिले की हैरिटेज होटलों में से एक होटल भैरोंविलास में इस वर्ष लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। इस होटल में दो कमरों के रिनोवेशन कार्य के साथ-साथ एक पिरोल (बड़ा गेट) भी बनवाई गई है। होटल के संचालक हर्षवर्धनसिंह ने बताया कि दुलमेरा के लाल पत्थर से बनवाई गई इस पिरोल पर करीब पांच लाख रुपए की लागत आएगी।
इस पिरोल में जो दरवाजा लगवाया जाएगा, उस पर करीब डेढ़ लाख रुपए की लागत आएगी। उन्होंने बताया कि होटल में प्रतिवर्ष करीब पन्द्रह सौ पर्यटक आते हैं। होटल सागर में भी इस वर्ष छह कमरे यूरोपियन शैली में बनाए गए हैं। होटल के संचालक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि होटल में सत्तर कमरे हैं, जिनमें से अधिकत्तर एसी है। उन्होंने बताया कि होटल में हर वर्ष करीब साढ़े चार हजार पर्यटक ठहरते हैँ।
चालीस नए कमरे..
होटल बाबू हैरिटेज में तो मेहमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चालीस नए कमरों का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके अलावा हाल ही में एक एसी रेस्टोरेंट व क्रांफेंस हाल बनवाया गया है। होटल के जनरल मैनेजर अजय मिश्रा ने बताया कि यहां पर पर्यटकों की बजाए बड़ी कंपनियों के कर्मचारी व अधिकारी अधिक ठहरते हैं।
वर्तमान में होटल में बीस कमरे हैं। जहां तक पर्यटकों के ठहरने की बात है तो हर वर्ष करीब आठ सौ पर्यटक आते हैं। इसी प्रकार पुराणी गिन्नाणी स्थित विनायक गेस्ट हाउस में चार कमरे नए बनाए जा रहे हैं। होटल के मालिक जीतू सोलंकी ने बताया कि उनके यहां ठहरने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है और प्रतिवर्ष करीब दो सौ से ढाई सौ पर्यटक ठहरते हैं।
कैम्प फायर और कैमल सफारी
विदेशी मेहमानों को रिझाने के लिए निजी होटलों में रात को शामियाने लगाए जाते हैं। होटल,भैरोंविलास, हारासर हवेली,लक्ष्मीनिवास पैलेस सहित कई होटलों में लोक संगीत के कार्यक्रम होते हैं। इसके अलावा सर्दी की रातों में कैम्प फायर का आयेाजन होता है। इसके अलावा कई होटल मालिक पर्यटकों को कैमल सफारी की सुविधा भी मुहैया करवाते हैं।