जोधपुर. शारीरिक शिक्षक महाविद्यालय में प्रवेश के प्रति युवकों की रुचि घटती जा रही है। गत शैक्षिक सत्र में महाविद्यालय में 10 सीटें रिक्त थीं, जबकि चालू सत्र में 26 सीटें रिक्त हैं।
शारीरिक शिक्षक महाविद्यालय, जोधपुर में 21 पद सृजित हैं लेकिन इनमें से कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाने के कारण पद रिक्त हैं। यहां तीन पद सीनियर लेक्चरार के हैं, इनमें से दो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसी तरह 9 लेक्चरार के पद हैं, इनमें से 4 सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
शेष बचे 5 पदों में से 2 लेक्चरार दो माह बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे। यहां 7 खेल प्रशिक्षकों के पद भरे हुए हैं। इसमें भी एक प्रशिक्षक जिम्नास्टिक का है लेकिन उसे कालांश खो-खो के दे रखे हैं। जिम्नास्टिक का पद कॉलेज में सृजित नहीं है। महाविद्यालय में 120 सीटे हैं, इनमें से केवल 94 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है।
महिला नहीं, नर्स को बनाया वार्डन : महाविद्यालय में दो छात्रावास संचालित हो रहा है। इनमें एक लड़कों का और एक लड़कियों का है। छात्रावासों के लिए लंबे समय से वार्डन का पद सृजित नहीं है। पिछले सत्र तक यहां कार्यरत महिला लेक्चरार से वार्डन की ड्यूटी करवाई जाती थी। चालू सत्र से दो महिला लेक्चरार सेवानिवृत्त हो जाने से महिला छात्रावास में वार्डन का कार्य यहां संचालित हो रही डिस्पेंसरी की महिला नर्स से करवाया जा रहा है।
खेल सामग्री के लिए मात्र 12,000 रुपए सालाना : महाविद्यालय में किसी समय सालाना 60 हजार रुपए का बजट केवल खेल उपकरणों के लिए आया करता था। वर्तमान में सालाना 12 हजार रुपए का बजट खेल उपकरणों के लिए आता है, जिसमें से आधा महाविद्यालय के जीर्णशीर्ण हालत को सुधारने में ही खर्च हो जाता है। इस कारण पीटीआई तैयार करने के लिए टूटे-फूटे खेल उपकरणों और केवल किताबी ज्ञान से ही काम चलाया जा रहा है।
डॉक्टर का पद समाप्त : महाविद्यालय में एक दशक पूर्व तक एक चिकित्सक और एक नर्स के साथ अलग से डिस्पेंसरी और दवाओं का बजट आया करता था। डिस्पेंसरी तो वर्तमान में भी संचालित हो रही है लेकिन यहां से चिकित्सक का पद समाप्त कर दिया गया है। केवल एक स्टाफ नर्स ही कार्यरत है। इसी तरह वरिष्ठ उप जिला शिक्षा अधिकारी के तीन पदों पर कई वर्षों से नियुक्ति नहीं हो पाई है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा के चार पद रिक्त हैं। उप निदेशक स्तर के रिक्त तीन पदों पर सामान्य शिक्षा के अधिकारी वर्षों से काबिज हैं। प्रधानाचार्य का पद 1970 से इसलिए रिक्त है क्योंकि ये पदोन्नति से नहीं सीधी भर्ती से भरा जाना है।
डिप्टी प्रिंसिपल मो. इदरीस से बातचीत
प्र. क्या कारण है कि शारीरिक महाविद्यालय में प्रवेश संख्या कम होती जा रही है?
इदरीस- पीटीआई बनते ही पहले तो शारीरिक शिक्षक लगा दिए जाते थे, गत पांच वर्र्षो से भर्ती नहीं होने से बेरोजगारों की कतार देखकर लोग प्रवेश नहीं ले रहे हैं।
प्र. कर्मचारी सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं, नई भर्ती क्यों नहीं कर रहे?
इदरीस- सेवानिवृत्त होते ही निदेशालय को सूचित कर दिया जाता है। रिक्त पदों की सूची हर वर्ष ही भेजी जाती है, चयन प्रक्रिया तो सरकार को करनी है।
प्र. केवल 12 हजार रुपए में खेल उपकरण, कैसे इंतजाम होता है?
इदरीस- इस राशि से छोटे-मोटे उपकरण खरीदकर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। बजट बढ़ना चाहिए, यह प्रशिक्षक बनने जा रहे विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है।