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डिजिटलाइज होगी आर्ष रामायण

जोधपुर. ramayan संपूर्ण भारत में 45 ग्रंथों में प्रकाशित और विज्ञान निधि कोष में चयनित हो चुकी आर्ष रामायण (अरण्य कांड) के 72 पत्रों को लंदन की ब्रिटिश लाइब्रेरी में डिजिटलाइज किया जाएगा।

इसके लिए ब्रिटिश लाइब्रेरी के डायरेक्टर ग्राम शॉ ने रामायण के चार कांड ेके तथ्य जुटाने के बाद पांचवें अरण्य कांड के दुर्लभ मिनिएचर की तलाश में है। इसके लिए उन्होंने जोधपुर के प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान को पत्र लिखकर रामायण से संबंधित अरण्य कांड के सचित्र तथ्य मांगे हैं।

लंदन की इस्टन रोड स्थित द ब्रिटिश लाइब्रेरी जहां पूरे विश्व के प्राचीन ग्रंथ व पुस्तकें मौजूद है। लाइब्रेरी के ग्राम शॉ राम के चरित्र से संबंधित रामायण के सभी पांच कांड को डिजिटलाइज कर उन्हें प्रसारित करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अब तक छत्रपति शिवाजी महाराज की वास्तु संग्रहालय से भी राम के बालकांड की सभी सूचनाएं एकत्रित कर ली हैं।

अरण्य कांड का दुर्लभ चित्रण मौजूद : मेवाड़ के महाराणा जगत सिंह (1649-53) के समक्ष सचित्र संग्रहित आर्ष रामायण अरण्य कांड के इन दुर्लभ मिनिएचर में ऋषि व मुनियों से वार्तालाप के साथ राम-लक्ष्मण और सीता का आश्रम में प्रवेश दर्शाया गया है।

इन मिनिएचर में भगवान राम एवं लक्ष्मण राक्षस का वध कर रहे हैं, रथ पर आसीन रावण का राम की पर्ण कुटी की ओर बढ़ने के अलावा रामायण अरण्य कांड के दृश्य बड़े सुंदर एवं चमकदार रंगों से सूक्ष्म आकार में चित्रित हैं। 16 वीं व 19 वीं शताब्दी के इन मिनिएचर में अंकित वेश-भूषा, आभूषण आदि पर मुगल-चित्र शैली की झलक दिखाई गई है। यह ग्रंथ सम्पूर्ण भारत में 45 ग्रथों में विज्ञान निधि कोष के अंतर्गत चयनित भी हुआ है। हाल ही में ब्रिटिश लाइब्रेरी से मिले पत्र में आर्ष-रामायण के 72 पत्रों को डिजिटलाइज करने के लिए अरण्य कांड के दुर्लभ मिनिएचर मांगे हैं। ये कलेक्शन भेजने पर अभी विचार चल रहा है।
—एसएल पालीवाल, निदेशक, प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान जोधपुर।





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