कोटा. तीन वर्ष से समय पर परीक्षाएं कराकर परिणाम घोषित करने में अव्वल रहने वाला कोटा विश्वविद्यालय गुर्जर आंदोलन के कारण इस बार दौड़ में पिछड़ गया है। विवि ने अब तक 125 परीक्षाओं में से केवल पांच के परिणाम घोषित किए हैं।
परिणामों की इस देरी के कारण विवि की ओर से संचालित पीजी पाठ्यक्रमों, सम्बद्ध कॉलेजों में चल रहे पाठ्यक्रम और प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए प्रवेश की तिथि 10 जुलाई करनी पड़ी है। विवि ने पिछले वर्ष अप्रैल के अंतिम सप्ताह से परीक्षा परिणाम देने शुरू कर दिए थे और जुलाई के द्वितीय सप्ताह तक सभी परिणाम घोषित हो गए थे। वहीं इस बार काफी विलंब हो गया है।
किनके निकले नतीजे : अभी तक बीकॉम प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष, बीएससी अंतिम वर्ष एवं बीपीएड के नतीजे ही घोषित हो पाए हैं।
किनका इंतजार : बीएससी द्वितीय व तृतीय वर्ष, बीए प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष सहित प्रोफेशनल कोर्स के स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा विवि की ओर से संचालित पीजी पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम अब तक नहीं निकले हैं। ये कब तक घोषित होंगे, कोई समय तय नहीं है।
आगे क्या होगा : इस देरी के कारण छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करने तथा राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने से भी वंचित होना पड़ेगा।
गुर्जर आंदोलन के कारण परीक्षाएं आगे खिसकानी पड़ीं। इस कारण उत्तर-पुस्तिकाएं जांचने में समय लगा। इसका असर परीक्षा परिणामों पर भी पड़ा है। परीक्षा परिणाम शीघ्र ही घोषित कर दिए जाएंगे।’
—प्रो.एम.एल. कालरा, कुलपति कोटा विवि
विलंब क्यों
>> गुर्जर आंदोलन के कारण कुछ परीक्षाओं को आगे बढ़ाना पड़ा।
>> परीक्षा सामग्री आदान प्रदान में देरी हुई।
>> विवि के अधीन कॉलेजों की संख्या 45 से बढ़कर 130 हो गई। ठ्ठ परीक्षार्थियों की संख्या सवा लाख से अधिक हो गई।
>> विवि में संसाधन एवं स्टाफ की स्थिति पहले जैसी ही है।
>> असर परीक्षा और परिणाम पर पड़ा।