इंदौर. खजराना में गुरुवार को कफ्यरू के बाद भी उपद्रव नहीं थमा। गुरुवार की हिंसा में मृत युवक का जनाजा निकलने के दौरान लोगों ने पुलिस, एसटीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स पर जमकर पथराव किया और गोलियां दागीं। इसमें तीन जवान घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने भी अश्रुगैस के गोले दागे और हवाई फायर किए।
गुरुवार दोपहर कर्फ्यू लगने के बाद भी घरों से पथराव होता रहा। तब पुलिस ने लोगों को घरों से निकालकर पीटा और थाने ले गई। रातभर पुलिस ने सघन गश्त के साथ सर्चिग अभियान चलाया। संदिग्ध दंगाइयों के घरों पर पुलिस पहुंची। कुछ के दरवाजे नहीं खुले तो तोड़े गए। इस कवायद के चलते रात में कोई हिंसक वारदात नहीं हुई। अलसुबह कुछेक जगह पथराव हुआ लेकिन पुलिस के पहुंचते ही शांति हो गई।
उधर, गुरुवार को मारे गए मेहमूद, इनवर और इमरान के शव पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस वाहन और सुरक्षा में उनके निवास लाए गए। मेहबूब व अनवर के शव एक वाहन में थे। लोगों के आक्रोश को देखते हुए पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी बना दिया गया था। एडीशनल एसपी महेशचंद जैन, सीएसपी बिट्टू सहगल और एसडीएम पवन जैन से मृतकों के संबंधियों ने बात की।
उन्हें बताया दोनों कैसे विरोधी पक्ष के गोली के शिकार हुए। दोषियों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज करने के बाद ही जनाजा निकलने की बात कही। इस पर मौके पर ही एफआईआर दर्ज की गई। फिर एक-एक कर अनवर और मेहमूद के जनाजे घर के बाहर चौक में लाए गए।
लोगों ने नमाज अदा की। फिर सभी कब्रिस्तान जाने लगे तो एसडीएम ने मृतकों के कुछ संबंधियों को ही जाने की अनुमति दी। दोपहर 12 बजे उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया। इस दौरान कुछ देर बारिश भी हुई जिससे पुलिस को खास मशक्कत नहीं करना पड़ी।
इसके 15 मिनट बाद इमरान का जनाजा उसके घर हीना पैलेस कॉलोनी से रवाना हुआ। इसमें शामिल लोग खिजराबाद कॉलोनी की ओर मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए आगे बढ़े तभी इसमें शामिल होने के लिए कुछ लोगों ने जिद की जबकि अधिकारियों का कहना था सिर्फ चुनिंदा लोग ही जाएंगे। इसे लेकर आसपास की गलियों से पुलिस, एसटीएफ, आरएएफ के जवानों पर पथराव होने लगा।
जवानों ने डंडे फटकारे तो और लोग मैदान में आ गए व फायर भी किए। स्थिति अनियंत्रित होते देख पुलिस ने अश्रुगैस छोड़ी और हवाई फायर कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद काफी देर तक जनाजा मस्जिद में रखा रहा और लोग भी फंसे रहे।
फिर एडीशनल एसपी श्री जैन ने लाउड स्पीकर से चेतावनी दी कि लोग घरों में चले जाएं। गड़बड़ की तो पुलिस को बलप्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने एक घंटा पेट्रोलिंग की तब जनाजा कब्रिस्तान ले जाया गया। इस बीच अन्य मस्जिदों में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक निपटी।
मेहमूद और अनवर की हत्या में 16 पर केस
अनवर घर के पास ही एक निजी अस्पताल में काम करता था। मेहमूद के पिता की मृत्यु चार साल पहले किडनी खराब होने से हो गई थी। छोटा भाई इम्तियाज बीमार रहता है। परिवार की जिम्मेदारी मेहमूद पर ही थी। मेहमूद और अनवर के परिजन और संबंधियों ने अधिकारियों को बताया गुरुवार को दोनों घरों के बाहर खड़े थे तभी विरोधियों ने निशाना बना-बनाकर उन्हें गोलियों से भूना।
दीवार पर भी गोलियों के कई निशान बने। पुलिस ने अनवर की हत्या में नाना पटेल की रिपोर्ट पर नेमीचंद पिता रामगोपाल, महेश दरिया, संतोष पाटीदार, सुनील उर्फ बबिया, जयदीप पाटीदार, कमल पाटीदार, भीम पाटीदार और अनिल जायसवाल के विरुद्ध केस दर्ज किया।
मेहमूद की हत्या में इम्तियाज खान की रिपोर्ट पर अरुण जायसवाल, मनोज जायसवाल, संतोष पाटीदार, योगेश पाटीदार, मुन्ना, सुनील कंट्रोलवाला, सुनील पाटीदार और महेश उर्फ पप्पू पाटीदार पर केस दर्ज किया।