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Rajasthan
Shekhawati Shekhawati झुंझुनूं . जिले में चालू दशक में कामकाजी महिलाओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। महिला शिक्षा में अग्रणी रहने के कारण काफी लड़कियां जाब में आ रही हैं।
2001 के सेंसस के अनुसार जिले में 33 प्रतिशत महिलाएं कामकाजी थी। यह प्रतिशत अब 40 को पार कर गया है। कामकाजी महिलाओं में कृषक महिलाओं का 70 फीसदी हिस्सा है। आठ प्रतिशत महिलाएं खेतीहर मजदूर हैं तो दो प्रतिशत घरेलू उद्योगों में लगी हैं।
अन्य 20 प्रतिशत महिलाओं में टीचर, नर्स, पुलिसकर्मी आदि शामिल हैं। कामकाजी महिलाओं में दूसरे नंबर पर सरकारी व निजी स्कूलों में लेडी टीचर्स हैं। इसके बाद नंबर आता है नर्सिग का है। उल्लेखनीय है अकेले एक जिले से पूरे राज्य में सबसे ज्यादा नर्से झुंझुनू जिले की हैं।
क्या कहती हैं प्रशिक्षु नर्से..
आठ साल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में काम करने के बाद नर्सिग जोइन की है। नर्सिग में दक्ष होकर ग्रामीण महिलाओं की सेवा का संकल्प लिया है।
-संतरा, खरबासां की ढाणी
दिल्ली के केंद्रीय विद्यालय से 12वीं के बाद नर्सिग को चुना। जिले की लड़कियों के लिए यह बेस्ट प्रोफेशन है। महिलाओं के लिए समाज सेवा के साथ अर्थोपार्जन का यह श्रेष्ठ जरिया है। सेवा भाव के साथ किया जाने वाला यह काम अन्य कामों से बेहतर है।
-अनिता झाझड़िया,केहरपुरा कलां
ससुराल वालों ने पढ़ाई छुड़वादी लेकिन आत्मनिर्भर बनने के लिए 12वीं के बाद नर्सिग का कोर्स करने की ललक जगी। इस प्रोफेशन में पूरी लगन के साथ काम कर समाज सेवा की तमन्ना भी है। इस काम से मन को बड़ी शांति मिलती है। रुग्ण लोगों की सेवा करने से बड़ा काम मेरी नजर में दूसरा नहीं है।
-रेखा मान, बुहाना
नर्सिग में अच्छा स्कोप होने के कारण बीएस पार्ट टू बीच में ही छोड़कर प्रशिक्षण में भाग लिया है। इस प्रोफेशन में मेरी व्यक्तिगत रुचि भी है।
-सरोज भालोठिया, सूरजगढ़