इंदौर. शुक्रवार दोपहर जिंसी चौराहे से जूना रिसाला तक का नजारा जिसने भी देखा रूह कांप गई। यह अराजकता की चरम सीमा थी। पल भर के लिए लगा अब हालात पर नियंत्रण किसी के बस की बात नहीं।
दोपहर पौने दो बजे जिंसी चौराहे पर मौजूद प्रशासन व पुलिस के आला अफसर जुमे की नमाज शांति से हो जाने पर राहत की सांस ले रहे थे तब कुछ शरारती तत्व चौराहे के नजदीक एक गली से निकले और स्कूटर में आग लगा गए। इसी आग ने पूरे शहर को झुलसा दिया। 10 मिनट बाद तो चौराहे के पास धर्मस्थल की छत से पत्थर बरसने लगे।
पुलिस कुछ समझती उससे पहले ही चारों तरफ से पथराव शुरू हो गया। वायरलेस सेट पर आवाजें गुंजने के बाद पुलिस बल पहुंचता तब तक हालात बिगड़ चुके थे। उन्मादी जिंसी से जूना रिसाला तक सड़क पर उतर आए और पुलिस को निशाना बनाते हुए गोलियां चलाईं, पेट्रोल बम और पत्थर भी फेंके। पुलिस फोर्स को निशाने पर लेने के बाद उपद्रवियों ने कमिश्नर व आईजी की गाड़ी पर भी पथराव किया।
बाद में पुलिस ने घर-घर तलाशी अभियान चलाकर उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। हालात काबू करने में लगभग दो घंटे लगे। चौथी पलटन पुलिस लाइन भी उपद्रव का निशाना बनी। वहां आमने-सामने गोलियां चली जिसमें दो लोग मारे गए और कई गंभीर घायल हो गए।
दोपहर पौने एक बजे वायरलेस सेट पर आईजी अनिल कुमार की आवाज गूंजी, जिसमें सभी थाने के अफसरों को दोपहर 1 से 2 की नमाज को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। इसके चलते मल्हारगंज टीआई अजय वाजपेयी मोबाइल वैन के साथ जिंसी चौराहे की सफेद मस्जिद के पास तैनात हो गए। उनके साथ नायब तहसीलदार पूर्णिमा सिंगी, नसुस सदस्य तथा कुछ जवान भी थे।
श्री वाजपेयी की गाड़ी जिंसी हाट मैदान से जिंसी चौराहे के तरफ आने वाली सड़क पर खड़ी थी। कुछ लोग सफेद मस्जिद में नमाज पढ़कर चले भी गए। इसके बाद 1.30 बजे सूचना मिली तंबोली बाखल में कुछ विवाद हुआ है।
टीआई वैन से वहां पहुंचे तो पता चला एक साइकिल वाले ने बच्चे को टक्कर मार दी थी। क्षेत्र के चक्कर काटकर वे फिर वहीं पहुंच गए। जिंसी हाट मैदान की तरफ जाने वाली सड़क पर पुलिस के बैरिकैड्स थे, जबकि सुभाष मार्ग पर ट्रैफिक सुचारु था।