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आधे-अधूरे काम को ठेकेदार ने पूरा बताया

ग्वालियर. गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय समिति के आधिपत्य वाले डा. भगवत सहाय सभागार के आधे-अधूरे निर्माण कार्य को पूरा बता देने वाले संबंधित ठेकेदार के दावे पर कड़ी आपत्ति जताई है। महाविद्यालय की अधिष्ठाता ने कार्यपालन यंत्री से कहा है कि वे ठेकेदार का भुगतान रोक दें। उल्लेखनीय है कि पिछले छह माह से अस्त-व्यस्त डा. भगवत सहाय सभागार में कार्यक्रमों का आयोजन अब बंद हो गया है।

चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन इस सभागार को नया लुक देने के लिए पिछले एक साल से प्रयासरत है, पर लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग इस आधे-अधूरे काम को पूरा मानकर कार्य पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र चिकित्सालय प्रशासन से मांग रहा है, पर अधिष्ठाता ने विभाग की इस मांग को ठुकरा दिया है और कहा है कि जब तक प्राक्कलन के अनुसार काम पूरा नहीं होता है तब तक काम पूरा होने संबंधी प्रमाण पत्र दिया जाना संभव नहीं होगा। अधिष्ठाता डा. शैला सप्रे ने आधे-अधूरे सभी कामों का भुगतान फिलहाल रोकने के निर्देश कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग को दिए हैं।

ये हैं अधूरे व घटिया काम
0 एक साल पहले सभागार की छत पर लगी टीन को बदलने का 4.26 लाख का काम मंजूर हुआ था। घटिया किस्म की टीन लगाने से सभागार में जगह-जगह पानी टपक रहा है। इससे फाल्स सीलिंग खराब हो रही है।
0 सभागार की बाउण्ड्रीवाल को ऊंचा करने के लिए 4.16 लाख रुपए मंजूर हुए, पर एक साल बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है और गेट भी नहीं बनाया गया है।
0 सभागार में फाल्स सीलिंग का काम पिछले छह माह से चल रहा है जो आज भी अधूरा है। इससे सभागार का उपयोग नहीं हो पा रहा है और संस्था की आय पर असर पड़ रहा है।
0 सभागार के चारों ओर इंटरलॉकिंग का काम भी चार माह से जारी है जो आज तक पूरा नहीं हो सका है।

>> लोक निर्माण विभाग के काम में पहली बार शिकायत मिली है। इसको लेकर संभाग आयुक्त डा. कोमल सिंह व कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा गया है। जब तक काम पूरा न हो तब तक भुगतान भी रोकने को कहा गया है। यदि सभागार में यूं ही पानी टपकता रहा तो फाल्स सीलिंग खराब हो जाएगी और गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय की समिति को लाखों रुपए का नुकसान उठाना होगा।
डा. शैला सप्रे, अधिष्ठाता गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय





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