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रिवर्स मोर्टगेज लेने से कतरा रहे हैं सीनियर सिटीजन

कोलकाता.देश की जनता अपना मकान बंधक (मोर्टगेज) रखने के मूड में नहीं दिखती। बैंक और आवास ऋणदाता कंपनियों समेत 20 वित्तीय कंपनियों ने अभी तक मकान बंधक रखने के केवल 550 आवदेन ही प्रोसेस किए हैं और रिवर्स मोर्टगेज के एवज में ये बैंक और कंपनियां अभी तक सिर्फ 350 करोड़ रुपए ही वितरित कर पाई हैं। उल्लेखनीय है कि करीब एक साल पहले इन बैंकों और वित्तीय कंपनियों ने इस उत्पाद को बड़े तामझाम और जोर-शोर के साथ पेश किया था।

पूर्व में इलाहाबाद बैंक के चेयरमैन और हाल में कैनेरा बैंक के सीएमडी बने ए.सी. महाजन का कहना है कि इलाहाबाद बैंक को रिवर्स मोर्टगेज की योजना पर कोई खास रिस्पांस नहीं मिल पाया है। इसी तरह केनरा बैंक ने भी नवंबर 2007 में ‘केनरा जीवन’ नाम से रिवर्स मोर्टगेज शुरू किया था, लेकिन इसे भी मार्च 08 तक कोई रिस्पांस नहीं मिला है।

ठंडा रिस्पांस मिलता देख नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) ने वृद्ध नागरिकों के लिए काम करने वाले एक गैर-सरकारी संगठन हेल्पेज इंडिया के साथ गठजोड़ करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा एनएचबी ने देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए परामर्श केंद्र खोलने शुरू किए हैं। एनएचबी के सीएमडी एस श्रीधर कहते है, ‘शुरुआत में कर छूट को लेकर भ्रम था इस कारण इस उत्पाद में लोगों ने खास रुचि नहीं ली। आयकर अधिनियम में बदलाव करके रिवर्स मोर्टगेज लोन को आयकर से मुक्त किया गया है। अब इस उत्पाद को लोकप्रिय बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दिल्ली, हैदराबाद में हमारे दो परामर्श केंद्र पहले से कार्यरत हैं। अब जल्द ही कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, चंडीगढ़, पुणो और बेंगलूर में भी इस तरह के केंद्र खोले जाएंगे।’

क्या है रिवर्स मोटगेज:

रिवर्स मोर्टगेज पश्चिमी देशों में काफी लोकप्रिय है। इसके तहत ऐसे वृद्ध, जो किसी मकान के मालिक हैं, वो बैंक के पास अपने मकान को बंधक रख देते हैं। इसके बदले बैंक या ऋणदाता से उसे नियमित अंतराल पर निश्चित राशि मिलती रहती है। बंधक अवधि के दौरान वह मकान मालिक अपने बंधक रखे गए मकान में रह सकता है। मकान मालिक की मृत्यु के बाद मकान का मालिकाना हक बैंक के पास चला जाता है। रिवर्स मोर्टगेज करने वाले को ऋण की तरह ब्याज नहीं देना पड़ता है और यह 20 साल के लिए किया जाता है।

>> नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक कर छूट को लेकर भ्रम था, इस कारण लोगों ने इस उत्पाद से दूरी बना ली थी। एनएचबी ग्राहकों का भ्रम दूर करने और अधिक जानकारी देने के लिए परामर्श केंद्र खोल रहा है।

>> एनएचबी के एक अन्य अधिकारी के मुताबिक इस उत्पाद को ठंडा रिस्पांस मिलने की एक वजह यह भी है कि कई बुजुर्ग यह मानते हैं कि अगर एक बार उन्होंने अपनी सम्पत्ति रिवर्स मोर्टगेज कर दी तो बच्चे उन्हें घर से बाहर निकाल देंगे।





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