लंदन.धरती पर यहां-वहां दिखने वाली उड़नतश्तरियों (यूएफओ) को लेकर चाहे जो भी दावे किए जाते हों, लेकिन ब्रिटेन के एक वैज्ञानिक का मानना है कि दूसरे ग्रह के लोग धरती पर इसलिए नहीं आ सकते, क्योंकि उनके ग्रह से इसकी दूरी बहुत अधिक है। क्रिश्चियन कैसर नाम के इस वैज्ञानिक ने यूएफओ की धारणा को भी सिरे से खारिज कर दिया है।
साउथम्पटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर क्रिश्चियन कैसर के हवाले से टेलीग्राफ ने कहा है कि अंतरिक्ष में अगर कहीं जीवन है तो भी वह ग्रह धरती से इतनी ज्यादा दूरी पर होगा कि किसी अंतरिक्ष यान में बैठकर वहां तक की यात्रा करना असंभव बात है। इसी तर्क के हवाले से कैसर ने कहा, ‘किसी अन्य ग्रह पर जीवन की खोज एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि होगी और यह हमारी सामाजिक, राजनैतिक और धार्मिक सोच को भी काफी हद तक प्रभावित करेगी।’
कैसर ने यह भी कहा कि हमारी आकाशगंगा में तारों के बीच की व्यापक दूरी को देखते हुए यह संभव नहीं लगता कि अंतरिक्ष में कहीं और जीवन होगा। अगर ऐसा होता तो बाहरी ग्रह के लोग अब तक धरती पर आ चुके होते।