Dainik Bhaskar Divya Bhaskar Business Bhaskar Indiainfo DNA 3Dsyndication MyFM


HomeManoranjanCinemaBollywood Bollywood

‘ध्रुव’ पर पैठ बनाते ध्रुव

बिजनेस परिवारों के बच्चों का ज्यादातर व्यापार की तरफ ही रुझान होता है, अगर नहीं होता तो उन्हें इस तरफ ढाला जाता है। लेकिन इन्हीं में से ध्रुव जैसे कुछ लोग हैं जो कला की तरफ भी रुख करते हैं। हालांकि ध्रुव के परिवार में भी उनके शौक की मुखालफत हुई। ऐसा इसलिए क्योंकि आज से सात वर्ष पहले तो इस तरह का माहौल बिलकुल भी नहीं था।

ये वह वक्त था जब लोग गैर पारंपरिक कैरियर्स की तरफ कम ध्यान देते थे। वैसे इस मामले में ध्रुव खुद को लकी मानते हैं क्योंकि संगठित परिवार होने के बावजूद भी उनके पैरेंट्स ने पूरा सपोर्ट किया।

ध्रुव ने इससे पहले एक साल हॉलीवुड में रहकर वेस्टर्न कंपोजिशन की पढ़ाई की है। इंडिया वापस आने के बाद एक दोस्त के जरिए इत्तेफाक से ‘खोसला का घोंसला’ में ‘चक दे फट्टे’ लिखने का उन्हें मौका मिला। इसके लिए ध्रुव को काफी कांप्लीमेंट्स मिले, आजकल तो इस नाम से कई तरह के ऑनलाइन ब्लॉग्स मौजूद हैं।

एक-डेढ़ साल का वक्त गुजर जाने के बाद भी इस गाने की धूम ध्रुव को बेहतर काम करने की प्रेरणा देती है। इन दिनों वह अपना स्टूडियो सेट करने के एजेंडा में व्यस्त हैं। पीवीआर के एनिवर्सरी सेलिब्रेशन और स्टीरियो नेशन व ‘दिल कबड्डी’ के कलाकारों के लिए लिखने में भी ध्रुव वक्त दे रहे हैं।

‘दिल कबड्डी’ के सितंबर में रिलीज होने की संभावना है। ‘दिल कबड्डी’ में अपने काम की तारीफ करने में भी ध्रुव पीछे नहीं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वह फिल्म और एक्टर के फ्लेवर के हिसाब से गाने के बोल लिखते हैं। ध्रुव के बोलों को पसंद करने वाले जल्द ही उन्हें वल्र्ड मैप पर स्टीरियो नेशन के साथ एक प्रोजेक्ट में देख पाएंगे। इस स्तर पर काम करने वाले अभी तक कम भारतीय ही रहे हैं। अब यह तो वक्त ही बताएगा कि ध्रुव अपने श्रोताओं पर शब्दों का कितना जादू बिखेर पाते हैं। लेकिन इतना तो जरूर है कि नई पीढ़ी का यह रहनुमा शब्दों की दुनिया में आने वाले समय में बड़ा नाम कमाएगा। इसमें होम प्रोजेक्ट्स के अलावा कई प्रतिष्ठित इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं।





अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: