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बच्चो, निडर होकर चुनौतियों को स्वीकार करो- राहुल

भोपाल.अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व युवा सांसद राहुल गांधी ने आज यहां कहा कि इस देश में जरूरत सवाल करने वालों की है। आगे बढ़ने के लिए बच्चों को सवाल करने की आदत डालनी चाहिए। हमें पूछना चाहिए कि ऐसा क्यों है? जब चुनौती सामने आ जाए तो यह कहने की ताकत होनी चाहिए कि मैं इसे क्यों नहीं कर सकता?

श्री गांधी शनिवार को भास्कर समूह और शारदादेवी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रवर्तित संस्कार वैली स्कूल के नवनिर्मित आवासीय भवनों के लोकार्पण के बाद विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को संबोधित कर रहे थे। आधे घंटे के उद्बोधन में श्री गांधी ने अपने बचपन से जुड़ी यादगार घटनाओं का जिक्र करते हुए तीन प्रेरक अनुभव बच्चों के साथ बांटे। उन्होंने कहा कि जब वे सिर्फ छह साल के थे तो अंधेरे से काफी डरते थे। तब उनकी दादी श्रीमती इंदिरा गांधी ने सिखाया कि डरो नहीं, अंधेरे का सामना निकट से करो, डर अपने-आप जाएगा।

यह तरकीब काम आई। मैं घुप अंधेरे में गया। धीरे-धीरे मेरे मन से अंधेरे का डर खत्म हो गया। इससे सीख मिली कि हमें विपरीत परिस्थितियों का सामना कैसे करना चाहिए। दूसरी कहानी में राहुल ने अपनी केमिस्ट्री की टीचर श्रीमती मणि को खूब याद किया, जिन्होंने उन्हें सवाल करने की सीख दी। तब उनकी उम्र 15 साल थी। उन्होंने बताया कि दूसरे टीचर मेरे सवालों पर हतोत्साहित करते थे, लेकिन श्रीमती मणि ऐसी नहीं थीं। वे हर सवाल का जवाब धैर्यपूर्वक देती थीं। उन्होंने मुझे यह पूछने की आदत डाली कि ऐसा क्यों है? यह बड़ा ही ताकतवर सवाल है।

उन्होंने कहा कि कॉलेज के दिनों में जब वे 20 के हुए तो फुटबॉल के बाद बॉक्सिंग की ओर आकर्षित हुए। एक कठिन मुकाबले के मौके पर उनके कोच ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में चुनौती को स्वीकार करो और अपने आपसे कहो-क्यों नहीं, मैं कर सकता हूं? राहुल ने कहा कि इस सीख ने जीवन के प्रति मेरा नजरिया ही बदल दिया। मैंने मुकाबला जीता। स्कूल के शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि टीचर को भी यह समझना चाहिए कि बच्च यह सवाल क्यों पूछ रहा है? कांग्रेस महासचिव ने अपने भाषण के अंत में कहा कि इस देश में सवाल करने वालों की जरूरत है।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार और स्कूल के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य शेखर गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समूह के चेयरमैन श्री रमेशचंद्र अग्रवाल ने कहा कि स्कूल की स्थापना के पीछे समाज से जो कुछ अर्जित किया है, उसका कुछ अंश वापस लौटाने का भाव है। संस्कार वैली की सफलता को देखते हुए अब समूह का विचार देश के अन्य स्थानों पर भी स्कूल स्थापित करने का है। स्कूल की गतिविधियों की जानकारी निदेशक श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने दी। समारोह से पूर्व राहुल गांधी ने स्कूल परिसर में बालिकाओं के लिए नवनिर्मित आवासीय भवन ‘प्रेरणा’ और बालकों के लिए ‘क्षितिज’ का लोकार्पण किया।





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