इंदौरशुक्रवार को उपद्रव के दौरान चौथी पलटन और जूना रिसाला के रहवासियों में हुई गोलीबारी में दौरान दो युवकों की मौत के मामले में सदर बाजार पुलिस ने अपने ही तीन सिपाहियों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया। शुक्रवार दोपहर जिंसी चौराहे पर शुरू हुए उपद्रव के बाद चौथी पलटन और जूना रिसाला के रहवासियों में भी आमने-सामने गोलीबारी हो गई थी।
इसमें रिजवान पिता अब्दुल रहमान (22), सैयद तथा जिशान पिता निजामुद्दीन (20) की मौत हुई। रात को एमवाय अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम के बाद जिशान का शव जूना रिसाला पहुंचा तो परिजन ने बड़ी मस्जिद के बाहर शव रखकर अंतिम संस्कार से मना कर दिया। उनकी मांग थी कि पहले पुलिस आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज करें उसके बाद ही जनाजा निकलेगा।
आखिर में रात 1.30 बजे सदर बाजार थाने पर गुलाम अहमद खान की शिकायत पर सिपाही नीरज उर्फ चीकू, जितेंद्र सेन तथा यशवंत पंवार के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया। वे तीनों सद बाजार थाने पर ही पदस्थ हैं, जो उपद्रव के दौरान ड्यूटी पर तैनात थे।
शांति की पदचाप
दो दिन तक हिंसा की गिरफ्त में रहा इंदौर शनिवार को अमूमन शांत रहा। शाम को बाहरी क्षेत्र के 11 थाना क्षेत्रों में 26 घंटे बाद कफ्यरू में दो घंटे की ढील दी गई, जिसे बाद में एक घंटे और बढ़ा दिया गया। उधर, संवेदनशील 13 थाना क्षेत्रों में फिलहाल कफ्यरू में कोई राहत नहीं दी गई है। छत्रीपुरा, मल्हारगंज, पंढरीनाथ व खजराना में कफ्यरू को 50 घंटे से ज्यादा समय हो गया है।
उज्जैन : तनाव कायम
उज्जैन : शहर तीसरे दिन भी तनाव में रहा। पथराव और हिंसा की घटना हुई और पुलिस ने लाठीचार्ज करके उपद्रवियों को खदेड़ा। महाकाल क्षेत्र में दूसरे दिन धारा 144 प्रभावशील रही। पुलिस कर्मियों ने बलपूर्वक दुकानें बंद करवाईं।