नई दिल्लीपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जगह लखनऊ से भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी में एक बड़ा सवाल बना हुआ है। देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली इस सीट से कम से कम आठ टिकटार्थी अपनी किस्मत आजमाने को तत्पर हैं, लेकिन पार्टी में कलराज मिश्र को यहां से चुनाव लड़वाने पर सहमति बनती नजर आ रही है। चुनाव समिति की 12 जुलाई को प्रस्तावित बैठक में इस पर फैसला होने के आसार हैं।
राजनाथ सिंह पर पसोपेश : भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह को लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहिए या नहीं, इसे लेकर पार्टी में पसोपेश बना हुआ है।
आडवाणी चाहते हैं ब्राrाण प्रत्याशी
सूत्रों के मुताबिक, पीएम-इन-वेटिंग लालकृष्ण आडवाणी लखनऊ से किसी बड़े ब्राrाण नेता को खड़ा करने के पक्ष में हैं। पुरानी खींचतान के बावजूद पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी कलराज मिश्र का विरोध करेंगे, इसकी संभावना न के बराबर है।मुकाबला कमजोर नहीं
कलराज मिश्र का नाम तय होने पर उनका मुकाबला कांग्रेस छोड़ बसपा में गए अखिलेश दास से होगा। ऐसे में भाजपा के लिए यह प्रतिष्ठित सीट अपनी झोली में बचाए रखना बहुत ही मुश्किल होगा।
पिछले लोकसभा चुनाव में तत्कालीन अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया था। मगर, लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि पार्टी अध्यक्ष भी चुनाव लड़ें या प्रचार पर फोकस करें। खासकर जब पीएम-इन-वेटिंग खुद चुनाव लड़ रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राजनाथ चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और गाजियाबाद या गौतम बुद्ध नगर से खड़े होने की तैयारी भी कर रहे हैं। चुनावी कामकाज देख रहे एक वरिष्ठ नेता ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि वह राजनाथ सिंह के चुनाव लड़ने के पक्ष में हैं, मगर आखिरी फैसला तो ‘अध्यक्षजी’ को ही करना होगा।