भोपाल. राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने आयकर विभाग के प्रतिवेदन के आधार पर पूर्व स्वास्थ्य संचालक डा. योगीराज शर्मा सहित 10 लोगों और पांच कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग ने राज्य शासन को आयकर अधिनियम की धारा 132 के तहत लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तत्कालीन संचालक डा. योगीराज शर्मा और उनके अन्य सहयोगी अधिकारियों-कर्मचारियों व सहयोगी कंपनियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही एवं उसमें पाए गए तथ्यों का प्रतिवेदन सौंपा है।
शासन ने इस प्रतिवेदन को जांच के लिए ईओडब्ल्यू को सौंपा है। सूत्रों का कहना है कि ब्यूरो ने परीक्षण में प्रथम दृष्टया पाया कि डा. योगीराज शर्मा ने अवैधानिक रूप से अपने सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ षड़यंत्र किया।
इसके अलावा उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए शासन को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दवाई, उपकरण, अन्य वस्तुओं की खरीदी में आर्थिक क्षति पहुंचाई। प्रतिवेदन में डा. शर्मा और उनके सहयोगियों द्वारा 14.66 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति धारित करने का आरोप है। इसके आधार पर ब्यूरो ने शनिवार को भादवि की धारा 420, 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) (डी), 13 (1) (ई), 13 (2) का प्रकरण दर्ज किया है।
इसमें डा. योगीराज शर्मा के अलावा अशोक नंदा, बसंत सेलके, सुनील अग्रवाल, जयपाल सचदेवा, राजेश जैन, योगेश पटेरिया, मधु शर्मा, प्रमोद शर्मा, अरुण शर्मा और पांच कंपनियों - रेडिएशन ईमेज कंपनी, नेताम इंडस्ट्रीज, नेपच्यून रेमेडीज, छत्तीसगढ़ फार्मा., आइडियल मेडिकल इक्यूपमेंट एवं इलेक्ट्रिकल्स को आरोपी बनाया है।