भोपाल. शनिवार को इंदौर जाने वाली बसों में यात्रियों की कमी होने के कारण महज 20 प्रतिशत बसों का ही संचालन हुआ। वहीं रेल यात्रियों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई। इंदौर जाने वाले यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए प्रशासन ने कर्फ्यू के दौरान शहर में प्रवेश के लिए परिवहन सेवाओं के टिकट को कर्फ्यू पास की मान्यता दी है। ताकि यात्री अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें।
शनिवार को तीसरे दिन भी भोपाल-इंदौर का रेल व बस परिवहन सेवाएं प्रभावित रहीं। शनिवार को ट्रेनों में इंदौर के यात्रियों की तादाद न के बराबर रही, इधर यात्री न मिलने से भोपाल से इंदौर महज 20 फीसदी बसें रवाना हुई।
इंदौर में बिगड़े हालातों के चलते भोपाल-इंदौर मार्ग के यात्रियों में भारी कमी आई है। लोग एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर सफर करने से कतरा रहे हैं। शनिवार को भोपाल से 20 फीसदी बस सेवाओं का संचालन हो सका, जिसमें यात्रियों की तादाद भी मामूली रही।
भोपाल-रतलाम वाया उज्जैन पैसेंजर, इंदौर इंटरसिटी, राजकोट एक्सप्रेस, चेन्नई-जयपुर व इंदौर पैसेंजर में भी इंदौर जाने वालों की संख्या काफी कम रही। वाया इंदौर भोपाल से शिर्डी जाने वाली दो बसों को रद्द कर दिया गया है। वहीं, पर्यटन विकास निगम की भोपाल-इंदौर की सभी आठ बसे शनिवार को रवाना नहीं हुई। जबकि वाया इंदौर होकर जाने वाली भोपाल-उदयपुर बस सेवा भी शनिवार को ठप रही।
भोपाल से सरवटे बस स्टैंड जाने वाली इन बसों को सुरक्षा व्यवस्थाओं के तहत विजय नगर और पलासिया क्षेत्रों में रोका गया। जहां प्रशासन ने यात्रियों को कफ्यरू पासधारी मेट्रो टैक्सी से गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की है।
सुरक्षा की दृष्टि से शहर में आने वाले बस और रेल यात्रियों के यात्रा टिकट देखे जा रहे हैं, जिन्हें कर्फ्यू पास का दर्जा दिया गया है। एयरपोर्ट पर उतरने वाले यात्रियों को शहर के अंदर पहुंचाने के लिए भी व्यवस्था की गई है।
>> इंदौर प्रशासन द्वारा भोपाल से जाने वाली बसों को विजय नगर और पलासिया क्षेत्रों में रोका जा रहा है। जहां से मेट्रो टैक्सियों से उन्हें गंतव्य तक पंहुचाया जा रहा है।
आरके शर्मा, प्रबंधक, बस स्टैंड