HomeNewsMetrosBhopal Bhopal

शिकायतों में भोपाल सबसे आगे

भोपाल. आप किसी बैंक में खाता खुलवाने गए और मैनेजर ने बिना किसी आधार के इनकार कर दिया या आपके खाते में आपकी जानकारी के बगैर चार्ज लगा दिया। इस तरह की शिकायतें आम हैं, लेकिन अब इसको लेकर उपभोक्ता चुप नहीं बैठ रहे हैं।

इस मामले में मप्र व छत्तीसगढ़ के ग्राहकों ने गुजरात, तमिलनाडु, पंजाब, प. बंगाल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। भोपाल स्थित बैंकिंग लोकपाल के पास कोलकाता, चैन्नई, चंडीगढ़, अहमदाबाद से ज्यादा शिकायतें पहुंच रही हैं। हर महीने 200 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं।

होशंगाबाद रोड स्थित रिजर्व बैंक के कार्यालय में मप्र और छत्तीसगढ़ की बैंकों से संबंधित शिकायतें सुनने के लिए बैंकिंग लोकपाल नियुक्त है। पहले बहुत कम शिकायतें आती थीं, लेकिन अब एक अफसर सुबह से शाम तक फोन पर लोगों को शिकायत करने की प्रक्रिया संबंधी जानकारियां देने में ही लगा रहता है। बैंकिंग लोकपाल के पास वर्ष 2006~07 के दौरान 2767 शिकायतें पहुंचीं।

यह संख्या चैन्नई, कोलकाता, चंडीगढ़, बैंगलुरु आदि के बैंकिंग लोकपाल के पास पहुंचने वाली शिकायतों से ज्यादा है। इसकी वजह बैंक अधिकारी बढ़ते काम को मानते हैं। एक राष्ट्रीयकृत बैंक के मैनेजर के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों की शाखाएं व ग्राहक बढ़ रहे हैं जबकि स्टाफ हर साल कम होता जा रहा है। काम की अधिकता से व्यवहार भी शिकायत की श्रेणी में आ जाता है।

क्रेडिट कार्ड बने जी का जंजाल
खरीदारी में भुगतान की सुविधा के लिए लोग बैंकों से क्रेडिट कार्ड लेते हैं लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट बताती है कि क्रेडिट कार्ड की गड़बड़ियों से लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं।

बैंकिंग लोकपालों के पास सालभर में 38 हजार 638 शिकायतें पहुंचीं जिसमें से सबसे ज्यादा २क् फीसदी यानी 7688 शिकायतें क्रेडिट कार्ड को लेकर थीं। इनमें ज्यादा चार्ज लगा देने, खाते से राशि की अनाधिकृत कटौती, समय पर स्टेटमेंट जारी नहीं करने तथा वसूली अधिकारी द्वारा र्दुव्‍यवहार करने जैसी शिकायतें ज्यादा थीं।

यहां कर सकते हैं शिकायत: लोकपाल को राष्ट्रीयकृत, प्राइवेट, विदेशी, ग्रामीण सहित भारतीय रिजर्व बैंक के अधीन काम करने वाली किसी भी बैंक से संबंधित शिकायत की जा सकती है। लिखित में या ई मेल पर की गई शिकायत भी स्वीकार की जाती है।

शिकायत के लिए निर्धारित फार्म भी जो वेबसाइट डब्लू डब्लू डब्लू डाट आरबीआई डाट ओआरजी डाट इन पर उपलब्ध है। मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के बैंक ग्राहक बैंकिंग लोकपाल, द्वारा भारतीय र्जिव बैंक, होशंगाबाद रोड पोस्ट बॉक्स नंबर 32, भोपाल के पते पर शिकायत कर सकते हैं।

बैंकिंग लोकपाल भोपाल के सचिव आरआर जरियाल के मुताबिक बैंक ग्राहकों की जागरूकता बढ़ रही है। पहले जितनी शिकायतें सालभर में आती थी, उतनी अब एक महीने में आने लगी हैं। शहरी क्षेत्र से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं, ग्रामीण क्षेत्र के बैंक उपभोक्ताओं में अभी इतनी जागरूकता नहीं आई है।

मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के महासचिव वीके शर्मा कहते हैं कि यूनियन सदस्यों को हमेशा बेहतर, त्वरित व उत्तम ग्राहक सेवा देने के लिए प्रेरित करती रहती है। इसी का परिणाम है कि विदेशी व निजी क्षेत्र की बैंकों की तुलना में सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों के खिलाफ शिकायतें कम हुई हैं।

प्राइवेट बैंक तीसरे नंबर पर
शिकायतों के मामले में प्राइवेट बैंक दूसरे नंबर पर हैं। 2002~03 में बैंकिंग लोकपाल योजना शुरू होने के बाद से पांच सालों में एक लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं जिसमें सबसे ज्यादा 33 प्रतिशत राष्ट्रीयकृत बैंकों की है। दूसरे नंबर पर एसबीआई ग्रुप (29 फीसदी) तथा तीसरे नंबर पर प्राइवेट सेक्टर (20 फीसदी) की बैंक हैं।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: