इंदौर. लगभग 28 घंटे कर्फ्यू के साये में बिताने के बाद शनिवार शाम को जब तीन घंटे ढील की घोषणा हुई तो लोग खरीदारी के उमड़ पड़े। संडे को किसी चीज की कमी न पड़ जाए, इसलिए लोग जल्दी-जल्दी खरीदकर घर लौटना चाहते थे।
दंगा प्रभावित क्षेत्र ढील के दायरे से बाहर थे, इसलिए वहां के रहवासी लेकिन जैसे-तैसे कर छूट वाले इलाकों से जरूरत का सामान लेकर घर को लौट गए। अन्नपूर्णा, राजेंद्र नगर क्षेत्र के बाजारों में इतनी भीड़ उमड़ी की जाम की स्थिति बन गई।
एबी रोड भी घंटों सूनसान रहने के बाद आबाद नजर आया। पैसा निकालने के लिए लोग एटीएम पर कतारों में नजर आए। कुछ लोगों की सेवा करने के बाद एटीएम का पैसा भी खत्म हो गया। बैंकों ने दो दिन के हिसाब से ही व्यवस्था की थी। मशक्कत करने के बाद पैसा निकला तो लोग पेट्रोल के लिए पसीना बहाते रहे। पंप वालों ने एक लीटर से ज्यादा किसी को पेट्रोल नहीं दिया।
पुरूष पेट्रोल जुटाने में जुटे थे। तो महिलाएं जब तक सब्जी, फल और दूध खरीदने में व्यस्त थीं। चूंकि पूरे शहर में ढील नहीं दी गई थी। इसलिए महूनाका, अन्नपूर्णा, राजेंद्र नगर, भंवरकुआ, एबी रोड, विजय नगर, सुखलिया, नंदानगर. पररदेसीपुरा सहित अन्य स्थानों पर लोगों ने जाकर सामान खरीदा।