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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. देश के कोने-कोने से आने वाली रजिस्टर्ड डाक घंटों तक रेल डाक सेवा कार्यालय में पड़ी रहती है। छंटाई के काम देर से किए जाने के कारण संबंधित लोगों तक ये डाक निर्धारित समय से दूसरे-तीसरे दिन पहुंच पाती है।
डाक विभाग में पिछले महीने तक तीन पालियों में डाक छंटाई का काम होता था। अधिकारियों ने अब उसे एक पाली में ही समेट कर रख दिया। अब डाक छंटाई का काम दोपहर दो से रात्रि दस बजे तक किया जाता है।
जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के आरएमएस आफिस में महाराष्ट्र, आन्ध्रप्रदेश, केरल, तमिलनाडु, उड़ीसा, गुजरात, राजस्थान, उप्र, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल आदि राज्यों से रजिस्टर्ड डाक आती है। नई दिल्ली की ओर से रजिस्टर्ड डाक महामाया एक्सप्रेस से व साउथ के शहरों से डाक जीटी एक्सप्रेस से यहां आ जाती है।
दूसरे दिन जब दोपहर दो बजे छंटाई करने वाले कर्मचारी रेल डाक सेवा कार्यालय में पहुंचते हैं, तब काम चालू होता है। रात्रि में डाक छंटने के बाद फिर संबंधित पोस्ट आफिसों को मार्क कर रख दी जाती है। अगले दिन उक्त डाक को संबंधित पोस्ट आफिसों में पहुंचाया जाता है, तब उसका वितरण हो पाता है। डाक विभाग की इस लेटलतीफी की वजह से लोगों को आवश्यक रजिस्टर्ड डाक भी देर से मिल रही है।
गुना की डाक कागजों पर ज्यादा
डाक विभाग गुना की डाक कागजों पर कुछ ज्यादा ही सही तरीके से भेज रहा है। बीना से गुना जाने वाली ट्रेन के गार्ड के डिब्बे में एक बोरा डाक रखकर सही समय पर बीना पहुंचाई जाती है, जबकि शेष डाक के करीब दो दर्जन बोरे बीना से ग्वालियर पहुंचाए जाते हैं।
यहां से डाक बस की छत पर भींगते हुए गुना जाती है। इससे बीना-ग्वालियर के रास्ते गुना जाने वाली डाक देर से पहुंचती है, और कागजों पर एक बोरा डाक दर्शाकर सही समय पर पहुंचना बताया जाता है।
>> डाक छंटाई का काम पहले रात में होता था। विभागीय यूनियन के कहने पर दिन में छंटाई हो रही है। रजिस्टर्ड डाक समय पर ही बांटी जा रही है।
एसके गुप्ता, अधीक्षक रेल डाक सेवा
>> यूनियन ने डाक प्रबंधक को दो पाली में छंटाई का काम करने का प्रस्ताव दिया था। प्रबंधन दो के स्थान पर एक पाली चला रहा है।
बीपी गणक, रीजनल सक्रेटरी, ऑल इंडिया आरएमएस एंड एमएमएस एम्पलाइज यूनियन