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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. उद्योगों के प्रदूषण से निजात पाने के लिए शहर में पहली बार ब्लाक प्लांटेशन की योजना बनाई गई है। जिला प्रशासन ने इसके लिए सिरगिट्टी क्षेत्र के फदहाखार का चयन कर प्लांटेशन का खाका तैयार कर लिया है।
यहां की 350 हेक्टेयर यानी 864 एकड़ जमीन पर साढ़े तीन लाख फलदार पौधे लगाए जाएंगे। कलेक्टर ने आज फदहाखार का जायजा लेकर अधिकारियों को इस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा छठघाट व मस्तूरी क्षेत्र के चिल्हाटी में पौधे रोपे जाएंगे।
सिरगिट्टी-महमंद रोड पर स्थित फदहाखार की 350 हेक्टेयर जमीन पर झाड़-झंखाड़ लगा हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण सिरगिट्टी व आसपास के इलाके में होने वाले प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने इस जगह का चयन किया है। पहले चरण में 140 हेक्टेयर पर प्लांटेशन होगा।
शहर से लगा होने के कारण यहां लगने वाले पौधों की सुरक्षा भी आसान होगी। जमीन सिरगिट्टी ग्राम पंचायत के अधीन होने के कारण यहां पौधारोपण रोजगार गारंटी योजना के तहत किया जाएगा, क्रियान्वयन एजेंसी वन विभाग को बनाया गया है। अब तक पौधरोपण सड़कों के किनारे होते रहे हैं, लेकिन यह पहला अवसर होगा, जब इतने बड़े पैमाने पर साढ़े तीन लाख पौधों का ब्लाक प्लांटेशन होगा।
आगे चलकर मिलने वाले लाभ को देखते हुए कलेक्टर सुबोध कुमार सिंह द्वारा सुझाई गई इस योजना पर अमल करने के लिए प्रक्रिया आज से ही शुरू कर दी गई है। पौधे रोपने का कार्य इसी माह से प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिला पंचायत के अधिकारियों को इस्टीमेट तैयार करने के लिए कहा गया है। रतनजोत की जगह फलदार व इमारती लकड़ी देने वाले पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें आम, बीजा, नीम, सागौन, पीपल आदि शामिल हैं।
कलेक्टर श्री सिंह आज विभागीय अधिकारियों के साथ फदहाखार पहुंचे और प्लांटेशन के लिए जगह तय की गई। उन्होंने बताया कि इसके अलावा छठघाट पर करीब 50 हेक्टेयर जमीन पर पौधरोपण की योजना है।
इसमें 15 हेक्टेयर पर पौधरोपण का कार्य एनटीपीसी की राशि से कराया जाएगा, वहीं शेष 35 हेक्टेयर पर जिला पंचायत व अन्य मदों से राशि लगाई जाएगा। इसी तरह मस्तूरी क्षेत्र स्थित चिल्हाटी के शिव मंदिर के पास लगभग 40 हेक्टेयर जमीन रिक्त पड़ी है, जहां प्लांटेशन कराने की योजना है।
कलेक्टर श्री सिंह ने कालोनाइजर्स की बैठक ली और कहा कि थोड़ी सी जमीन पर कालोनी बनाने से बेहतर दो-तीन कालोनाइजर्स मिलकर कालोनी बनाएं, जिससे लोगों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने अब तक बनाई गई कालोनियों में किए गए प्लांटेशन व पौधों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि सीमेंटीकरण अधिक होने के कारण वर्षा का पानी बहकर चला जाता है। पानी को रोकने के लिए आवश्यक रूप से सभी कालोनियों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाए, जिससे भूमिगत जलस्तर बढ़ेगा।
इसके अलावा कालोनी में सांस्कृतिक भवन, शापिंग माल, गार्डन, पार्किग आदि व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ पी. संगीता, एसडीएम संजय अग्रवाल, उद्योगपति हरीश केडिया, जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के प्रबंधक प्रमोद पाटनवार सहित उद्यमी व कालोनाइजर मौजूद थे।