जयपुर.
मुरलीपुरा स्कीम के स्टेट बैंक बीकानेर एंड जयपुर की शाखा से शनिवार दोपहर दो लुटेरे हथियारों व पेट्रोल से जला देने की धमकी देकर चौदह लाख रुपए लूटकर ले गए। लुटेरे मोटरसाइकिल पर आए थे। बैंक मैनेजर सहित तीन लोगों के सामने उन्होंने बोतल से पेट्रोल छिड़का और उसमें लाइटर से आग लगा दी। यह अपनी तरह की पहली घटना है।
जाने से पहले उन्होंने 6 बैंककर्मियों सहित 9 लोगों को बाथरूम व स्ट्रांग रूम में बंद कर दिया। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र साहू के अनुसार मुरलीपुरा स्कीम के लाल डिब्बा रोड नंबर 2 के प्लॉट ई-480 के प्रथम मंजिल में बैंक की शाखा व एटीएम है।
बैंक के कर्मचारी लेन-देन का काम बंद होने पर हिसाब लगा रहे थे। दोपहर 2:20 बजे दो युवक बैंक में आए। उन्होंने मुंह पर रूमाल बांध रखे थे। पैसे निकालने वाली बैंक की पर्ची उठाकर वे काउंटर पर पहुंचे। वहां उन्होंने कपड़ों के थैलों में से देशी कट्टा, बोतल में भरा पेट्रोल व छुरी निकाल ली।
एक लुटेरे ने देशी कट्टा कैशियर बलवीर सिंह पर तान दिया। इसके बाद काउंटर के आगे लगे कांच पर देशी कट्टे की बट से वार कर शीशे को तोड़ दिया। उन्होंने दो लोगों को बाथरूम में और बाकी को स्ट्रांग रूम में बंद किया और कैशियर के कैबिन से 14 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। वे मोटरसाइकिल से दादी का फाटक की तरफ चले गए।
अधिकारी पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही झोटवाड़ा उप अधीक्षक रघुवीर सिंह, एएसपी राजेश सिंह, एसपी भूपेंद्र साहू, सदर उप अधीक्षक बजरंग सिंह, कोतवाली उप अधीक्षक ज्ञानचंद यादव व बाद में आईजी पी.के. सिंह तथा एसपी एच.जी. राघवेंद्र सुहासा आदि ने मौके का जायजा लिया। बाद में खोजी कुत्ते, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों व एफएसएल की टीम को बुलाया गया। खोजी कुत्ता पुलिस की कोई सहायता नहीं कर पाया।
पांच मिनट में
लुटेरे बैंक में करीब पांच मिनट रहे और अपना काम करके फरार हो गए। लूट की वारदात के समय एक के चेहरे का रूमाल मुंह से हट गया था। उसने जाते समय तक उसे नहीं बांधा। लुटेरों के बैंककर्मियों को बार-बार धमकाने के बाद भी किसी ने बैंक का अलार्म नहीं बजाया।
छुरीवाला थैला गिराकर भागे
लोगों ने लुटेरों के बारे में शोर मचाना शुरू किया तो बैंक के समीप दादी के फाटक की तरफ घुमाव पर उन्होंने कपड़े के उस थैले को गिरा दिया जिसमें छुरी रखी थी। पुलिस के खोजी कुत्ते उनका सुराग नहीं लगा पाए।
पहली डकैती सुलझी नहीं, दूसरी हो गई
जौहरी बाजार में आठ मई को सेंट्रल बैंक में हुई साढ़े 19 लाख रुपए की डकैती के बारे में भी पुलिस को ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी है। पुलिस को जांच में केवल इतना पता चला है कि जिस गिरोह ने डकैती डाली है, वह पटना का है तथा गिरोह का एक साथी झारखंड में पुलिस के हत्थे चढ़ा है। मामले की जांच कर रही जयपुर पुलिस पकड़े गए बैंक डकैत को जयपुर नहीं ला पाई है और न ही पूछताछ के लिए झारखंड गई।
डकैती के बाद बैंक में मिले चाय के थैलों के आधार पर पुलिस को पता चला था कि गिरोह पटना का है। इसके बाद एक माह तक जांच टीम पटना में रही, लेकिन ज्यादा जानकारी हासिल नहीं हो सकी और यह खाली हाथ लौट आई।
पुलिस 24 घंटे वहां कैसे बैठें : आईजी
जयपुर आईजी पी.के. सिंह का कहना है कि रोजाना बैंकों पर पुलिस कर्मी जाकर निरीक्षण करते हैं। लेकिन वहां पुलिसकर्मियों को 24 घंटे तैनात किया जाना संभव नहीं है। शनिवार सुबह 10:30 बजे पुलिस ने बैंक का निरीक्षण किया था। गुरुवार को पूरे शहर के बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर सुरक्षा के उपाय के सुझाव बैंक अधिकारियों को दिए गए थे।
एसबीबीजे में हुई डकैती के लिए किसे दोषी माना जाए?
मैं किसी को दोषी नहीं बता सकता, लेकिन कम से कम बैंक वालों को कोई तो सुरक्षा करनी चाहिए। बैंक खुलने से बंद रहने तक तो गार्ड रहना ही चाहिए। आज तो गार्ड 11:30 बजे ही चला गया था।
बैंक वालों की क्या-क्या खामियां रही?
सायरन बजाना चाहिए था। पहले मिटिंग में सीसीटीवी कैमरे लगाने व पुलिस से समन्वय बैठाने की बात 300 बैंक कर्मियों की बैठक में हुई थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
बैंक वालों ने विरोध नहीं किया, क्या यह उचित है?
बैंक वालों का पैसा इंश्योर्ड होता है, ऐसे में वे जान जाोखिम में नहीं डालना चाहते। लेकिन ऐसी घटनाओं से जनता में भय और अपराधियों के हौंसले बढ़ते हैं।
आज हुई लूट की जांच में क्या प्रगति हुई हैं?
सभी बैंक कर्मियों व गार्ड आदि से पूछताछ की जा रही है। काफी हद तक आरोपियों के का पता चल चुका है। इसके अलावा अन्य पहलुओं पर पूछताछ व जांच की जा रही है।
71 वर्षीय बुजुर्ग ने दिखाई हिम्मत
अकेले 71 वर्षीय भागीरथराम ने लोगों से कहा कि विरोध करो। लुटेरों ने मैनेजर के साथ भागीरथराम पर भी पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। भागीरथ रिटायर्ड डीएसपी है। उनकी कमीज जल गई और मैनेजर शिवहरे का कंधा व गला जल गया।
दो घंटे पहले गार्ड चला गया : बैंक का गार्ड दोपहर 12 बजे छुट्टी लेकर चला गया था। वहां एटीएम में अलग से कोई गार्ड नहीं है।