HomeNewsNational National

मेडिकल की पहली हिंदी किताब

मेरठ. मौजूदा मेडिकल साइंस की पढ़ाई शुरुआत से ही अंग्रेजी में होती रही है। यही वजह है कि इस विषय की किताबें अंग्रेजी में ही उपलब्ध रही हैं और लेखकों ने भी इस विषय की सामग्री को अंग्रेजी में परोसा। लेकिन अब उत्तर भारत के कई छात्र हिंदी भाषा में भी मेडिकल की किताब पढ़ सकेंगे।

मेरठ के लाला लाजपतराय मेडिकल कॉलेज के एस.एस.एल. श्रीवास्तव ने इस दिक्कत को समझते हुए एमबीबीएस के छात्रों के लिए ‘रोग-निदान’ नाम से एक हजार पेजों की किताब लिखी है। श्रीवास्तव को किताब लिखने में दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल के डॉक्टर एस.पी. बजाज ने काफी मदद की।

श्री श्रीवास्तव को इस किताब को पूरा करने में सात वर्ष का समय लगा। उन्होंने किताब का मूल्य पांच सौ रुपए रखा और बिना किसी विज्ञापन या प्रचार-प्रसार के ही उनकी किताब उत्तर भारत के मेडिकल छात्रों के बीच काफी प्रसिद्ध हो रही है। अब तक उपलब्ध मेडिकल की अंग्रेजी किताबों के बीच पहली बार हिंदी में आई इस किताब को लेकर छात्रों में भारी जिज्ञासा है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: