अमृतसर. देश के सबसे खुशहाल राज्यों में शुमार पंजाब से ज्यादा पैसा कमाने की चाह में पंजाबियों का विदेश जाना थमा नहीं है। आलम यह है कि आज भी पंजाबी बाहर जाने के लिए बड़ी से बड़ी कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं। (यूनाइटिड नेशंस ऑर्गेनाइजेशन ऑन ड्रग्स एंड क्राइम) यूएनडीओसी की एक ताजा रिपोर्ट से ऐसा खुलासा हुआ है।
इग्लैंड में पांच लाख: इस रिपोर्ट के मुताबिक गैर कानूनी ढंग से विदेशों में बसने वालों में से करीब 80 फीसदी पंजाबी होते हैं। ऐसे करीब 5 लाख लोग इंग्लैंड में बसे हैं। हर साल भारत से 2 लाख लोग अवैध रूप से यूरोप के देशों में बार्डर क्रॉस करने का प्रयास करते हैं।
73 पंजाबियों की दास्तां: पिछले दिनों 73 पंजाबियों ने 1500 मील पैदल तय करके अवैध तरीके से तेहरान में प्रवेश किया था। इतना सफर तय करने से उनके पांवों में सूजन व जख्म हो चुके थे। कई माह इलाज के बाद ठीक होने पर उन्हें वापस भेजा गया था। कुछ दिन पहले एक एयरलाइन के स्थानीय मैनेजर को फर्जी पासपोर्ट्स के साथ चंडीगढ़ से पकड़ा गया था। कई देशों में फैले उसके नेटवर्क के कई लोग अभी भी पकड़ से बाहर हैं।
यूएई के कैंपों में 40 हजार : यूएन के अनुसार इस समय 40,000 पंजाबी यूएई के शरणार्थी कैंपों में हैं। ये लोग अवैध तरीके से यहां पहुंचे थे। वहां उन्हें खाने तक के लिए हाथ फैलाने पड़ रहे हैं।
एंट्री के लिए 1792 बॉर्डर: यूरोपियन कमीशन इंटिग्रेटिड यूरोपियन बॉर्डर मैनेजमैंट-2008 की इस रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय देशों में एंट्री करने के लिए करीब 1792 बार्डर हैं। इनमें 665 हवाई, 871 समुद्री और 246 के करीब जमीनी बार्डर हैं। बार्डरों के इस जाल का फायदा उठाकर ही पंजाबी अवैध तरीके से यूरोप और अमेरिका पहुंचते हैं।
सैकड़ों की जान गई: एक अनुमान के मुताबिक अवैध तरीके से विदेश गए 20 हजार पंजाबी युवक इस समय कई देशों की जेलों में बंद हैं। करीब 1500 युवक घुसैपठ की कोशिश में जान गवां चुके हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने वीरवार को एडिशनल डायरेक्टर जनरल रैंक के एक आईपीएस अधिकारी को फर्जी ट्रैवल एजेंट्स के जरिए चलाए जा रहे मानव तस्करी के अवैध नेटवर्क की जांच का जिम्मा सौंपा है।
हर साल देश छोड़ते हैं 70 हजार
एक अनुमान के मुताबिक औसतन 70 हजार पंजाबी युवक हर साल वैध और अवैध तरीकों से विदेश जा रहे हैं। इनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए पंजाब सरकार इन्हें फर्जी एजेंटों के हथकंडों से बचाना चाहती है।
विधेयक की भी तैयारी: राज्य के होम सेक्रेट्री बी.सी. गुप्ता के मुताबिक सरकार ट्रैवल एजेंटों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए खास विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर रही है जिसमें फर्जी एजेंटों पर पैनेलटी लगाने का प्रावधान है।
ट्रैवल एजेंटों के लिए सरकार के पास खुद को रजिस्टर्ड कराना भी अनिवार्य होगा, इसके बाद ही सरकार उन्हें इस काम के लिए लाइसेंस देगी। गौरतलब है कि पिछले साल पंजाब में 755 अवैध ट्रैवल एजेंट पकड़े गए थे। इनकी संख्या के बराबर ही मानव तस्करी के मुकद्में दर्ज हुए थे।
बढ़कर 191 लाख: 1960 से लेकर 2007 तक अवधि पर गौर करने से पता चलता है कि देश छोड़ कर अन्य देशों में जाकर बसने वालों की संख्या 75 लाख से बढ़कर 191 लाख तक पहुंच गई है। विश्व की 33 फीसदी आबादी अपना देश छोड़ कहीं और रह रही है।