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फीस रिफंड पर स्टूडेंट्स को टालमटोल!

चंडीगढ़. गवर्नमेंट स्कूलों में 11वीं क्लास में एडमिशन के लिए एजूकेशन डिपार्टमेंट की गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकंडरी स्कूल-10 में चल रही काउंसिलिंग में स्टूडेंट्स के लिए प्रॉब्लम्स का दौर थमता नजर नहीं आता। अब स्टूडेंट्स के लिए नई मुसीबत विभिन्न स्कूलों में जमा करवाई गई फीस का रिफंड न होना है।

कितनी फीस: एडमिशन के लिए साइंस स्ट्रीम में 1700, कॉमर्स में 1600, आर्ट्स व वोकेशनल के लिए करीब 1300 रुपए फीस जमा करवाई जाती है। कैसे आ रही दिक्कत: 11वीं में 11 हजार सीटें विभिन्न गवर्नमेंट स्कूलों में हैं। 2 जुलाई से 11 जुलाई काउंसिलिंग जारी है।

इस दौरान हर रोज एक हजार से भी ज्यादा स्टूडेंट्स एडमिशन ले रहे हैं लेकिन सेंट्रलाइज्ड होने की वजह से इनमें से कइयों को अपने पसंदीदा गवर्नमेंट स्कूल या स्ट्रीम में एडमिशन नहीं मिल रही। ऐसे स्टूडेंट उस समय फीस जमा तो करवा देते हैं लेकिन शहर के प्राइवेट स्कूलों में भी अपने पसंदीदा स्ट्रीम में एडमिशन लेने के लिए कोशिश करते रहते हैं।

प्राइवेट स्कूल में एडमिशन मिलने पर जब ये स्टूडेंट्स व उनके पेरेंट्स काउंसिलिंग में सीट को सरेंडर कर फीस रिफंड के लिए आते हैं तो डिपार्टमेंट फीस रिफंड की सुनवाई नहीं करता। स्टूडेंट्स जसविंदर के अनुसार उसे प्राइवेट स्कूल में एडमिशन मिल गई है। लेकिन फीस रिफंड नहीं हो रही। वहीं प्रतीक, विजय, अश्विनी, सौरभ व अन्य ने भी फीस रिफंड न होने की शिकायत की।

कानूनन रिफंड का हक: एडवोकेट अरविंद ठाकुर ने कहा कि स्टूडेंट ने यदि एक क्लास भी नहीं लगाई है तब भी फीस रिफंड करनी होगी। ऐसा न होने पर कंज्यूमर कोर्ट या सिविल कोर्ट में जाया जा सकता है। एडवोकेट अमर विवेक ने भी कहा कि स्टूडेंट क्लास नहीं लगाता तो फीस रिफंड करनी होगी।

>> फीस रिफंड मामले पर विचार किया जाएगा और जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा। फीस का कुछ भाग काट कर बाकी को रिफंड किया जा सकता है।
एस.के.सेतिया, डीपीआई (स्कूल्स)





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