कराची.
भारतीय क्रिकेट के लिए रविवार का निराशा भरा दिन था। पहले श्रीलंका के ओपनर सनत जयसूर्या (125) ने विस्फोटक शतक ठोक दिया और फिर अबूझ पहेली बन गए स्पिनर अजंता मेंडिस (13 रन पर छह विकेट) की करिश्माई गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजों ने समर्पण कर दिया।
श्रीलंका ने पूरी तरह एकतरफा मुकाबले में भारत को100 रन से हराकर चौथी बार एशिया कप चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। श्रीलंका ने जयसूर्या के 114 गेंदों में नौ चौकों और पांच छक्कों की मदद से बनाए 27वें एकदिवसीय शतक की बदौलत 49.5 ओवर में273 रन का स्कोर खड़ा किया। टूर्नामेंट में अब तक लक्ष्य का पीछा करते हुए 300 से ज्यादा रन बन जाने के ट्रेंड को देखते हुए भारत की मजबूत बल्लेबाजी के लिए यह बडा लक्ष्य नहीं माना जा रहा था।
लेकिन अनूठे स्पिनर मेंडिस ने एशिया कप का सर्वŸोष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन करते हुए भारत को अकेले अपने दम पर ध्वस्त कर दिया। भारतीय टीम 39.3 ओवर में 173 रन पर लुढक गई। गत चैंपियन श्रीलंका ने इस तरह अपना खिताब बरकरार रखते हुए भारत के सर्वाधिक चार बार एशिया कप जीतने के रिकार्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले टॉस जीतकर भारतीय कप्तान धोनी ने श्रीलंका को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। धोनी के इस दांव पर टीम के गेंदबाज पूरी तरह खरे उतरे।
दूसरे ही ओवर में रैना के थ्रो पर संगकारा आउट हो गए। कप्तान जयवर्धने भी क्रीज पर ज्यादे देर टिक नहीं पाए। इशांत की गेंद पर रोहित ने जयवर्धने का आसान कैच पकड़ा। इशांत ने कपुगेडरा (5) को अपना दूसरा शिकार बनाया। इसी ओवर में इशांत की आखिरी गेंद पर चमारा सिल्वा(0) बोल्ड हो गए।
मात्र 66 रन पर 4 विकेट खो देने के बाद लगा कि श्रीलंका की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी। पर जयसूर्या के इरादे कुछ और थे। एक छोर पर खूंटा गाड़े जयसूर्या लगातार गेंदों को मैदान के बाहर भेजते रहे।
पारी के 16वें ओवर में जयसूर्या के कहर के शिकार आरपी सिंह हुए। उन्होंने आरपी सिंह के इस ओवर में 26 रन कूट डाले, जिनमें तीन झन्नाटेदार छक्के और दो चौके शामिल थे। तेज गेंदबाजों की हो रही बेरहम पिटाई से परेशान धोनी ने बीच के ओवरों में अपने स्पिन आक्रमण का सहारा लिया।
ओझा, सहवाग और रोहित के आक्रमण पर आने के बाद रन गति पर कुछ अंकुश लगा। इस बीच जयसूर्या ने सहवाग के ओवर में एक रन चुराकर 79 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। स्पिनरों को आक्रमण पर लगाए रखने का धोनी को फायदा भी मिला। जयसूर्या का विकेट सहवाग के खाते में गया। आउट होने से पहले जयसूर्या ने दिलशान के साथ पाचवें विकेट के लिए 131 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से उबार लिया। इस बीच दिलशान ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया। दिलशान ने 74 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 56 रन की पारी खेली।
अंतिम ओवरों में कुलशेखरा के नाबाद 29 रनों की मदद से श्रीलंका 273 रनों के सम्मानजनक लक्ष्य तक पहुंच सका। भारत की ओर से आरपी सिंह और इशांत ने तीन-तीन विकेट झटके। 2 विकेट पठान के और एक विकेट सहवाग के खाते में गया।