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केमिकल फैक्ट्री में आग, लाखों का नुकसान

ग्वालियर. महाराजपुरा इंडस्ट्रियल एरिया बी सेक्टर में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में आग लग जाने से लाखों रुपए का नुकसान हो गया। फैक्ट्री में तैयार रखी स्याही के कुछ ड्रमों को आग की चपेट से बचाकर बाहर निकाल लिया गया। लगभग तीन घंटे के प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

दोपहर तीन बजे के लगभग इंडस्ट्रीज एरिया के लोगों ने अचानक श्री केमिकल फैक्ट्री से आग की लपटें निकलती देखीं। तत्काल उन्होंने इसकी सूचना नगर निगम के दमकल दस्ते को दी। केमिकल फैक्ट्री में आग की जानकारी मिलने पर दमकल कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे तब तक आग भयंकर रूप धारण कर चुकी थी।

सूचना मिलते ही कलेक्टर आकाश त्रिपाठी, एसपी विजय सूर्यवंशी तथा एडीएम वेदप्रकाश भी मौके पर पहुंच गए। दमकल दस्ते के पानी फेंकते ही आग और भड़कने लगी। चूंकि मामला केमिकल की आग का था, इस कारण इस पर फोम (विशेष प्रकार का केमिकल) भी फेंकना पड़ा ताकि केमिकल से ऑक्सीजन का संबंध खत्म किया जा सके।

इसके बाद भी नगर निगम की आठ फायर ब्रिगेड के अलावा मालनपुर इंडस्ट्रीज एरिया तथा एयरफोर्स स्टेशन को सूचना देकर वहां से भी गाड़ियों को बुलवाया गया। आग बुझाने में दमकल दस्तों को कुल दो हजार लीटर फोम कम्पाउंड फेंकना पड़ा। नगर निगम के पास कुल दो सौ लीटर मात्रा ही उपलब्ध थी, बाजार से खरीदने पर डेढ़ सौ लीटर फोम और मिल पाया। एयरफोर्स स्टेशन से आई गाड़ियों ने इस मात्रा को पूरा किया।

फैक्ट्री संचालक शांतिलाल सचेती घटना के अंत तक मौके पर नहीं पहुंच पाए। उनकी ओर से देखरेख करने पहुंचे उनके मित्रों का कहना था कि आग लगने से फैक्ट्री में लगभग 50 लाख रुपए का नुकसान संभावित है। सूचना मिलते ही भाजपा उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री अजय मेहता भी मौके पर पहुंचे।

छह माह पूर्व ही शिफ्ट हुई थी फैक्ट्री
न्यायालय के आदेश पर नगर निगम द्वारा शहर से बाहर स्थापित कराई र्गई केमिकल इंडस्ट्रीज में श्री केमिकल इंडस्ट्री भी शामिल थी। जानकारी के अनुसार इससे पूर्व यह फैक्ट्री शहर के बीचोंबीच स्थित समाधिया कॉलोनी में संचालित होती थी।

खाली थे आग बुझाने के उपकरण
फैक्ट्री के प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक बायीं ओर की दीवार पर आग बुझाने के उपकरण लटके तो थे, लेकिन वे सभी खाली थे। यदि वे भरे होते तो शुरुआती दौर में ही आग पर काबू पाया जा सकता था। फैक्ट्री परिसर में बाहर की ओर बनी ऑफिस की बिल्डिंग पूरी तरह आग से सुरक्षित रही, लेकिन फैक्ट्री का मुख्य भाग नष्ट हो गया। फैक्ट्री के ऊपर लगा टीनशेड भी आग की गर्मी से गिर पड़ा।

आस-पास की फैक्ट्रियों को भी हुआ नुकसान
श्री केमिकल इंडस्ट्रीज के आस-पास स्थित फैक्ट्रियों को भी आग से काफी नुकसान हुआ है। पिछले हिस्से में स्थित डीके इंडस्ट्रीज के शेड को भी आग की तपन से खासा नुकसान पहुंचना बताया गया है।

निगम से नहीं ली एनओसी
निगम के उपायुक्त डा. प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया में लगी फैक्ट्रियों ने नगर निगम से एनओसी (नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं लिया है। उपायुक्त ने कहा कि केमिकल फैक्ट्री की सुरक्षा के विशेष प्रबंध भी इसमें नहीं पाए गए हैं।





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