जोधपुर.
मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर बढ़ती दुर्घटनाओं के बावजूद रेलवे प्रशासन इस मामले में लापरवाह बना हुआ है।
फाटक रहित क्रॉसिंग पर बढ़ती दुर्घटनाओं के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की ओर से रिपोर्ट मांगने के बाद रेलवे ने गंभीरता दिखाई, लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण यह काम मंथर गति से चल रहा है। ऐसे में इन क्रॉसिंग पर हरदम दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वर्ष 2007-08 के रेलवे बजट में प्रत्येक जोन के महाप्रबंधकों को 50 लाख रुपए तक के कार्य स्वीकृत करने के अधिकार देने की घोषणा तो की,लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में इसका असर नजर नहीं आया।
भास्कर ने रेलवे के आंकड़ों पर नजर डाली तो उत्तरी पश्चिम रेलवे जोन में 19 सौ से अधिक क्रॉसिंग बिना फाटक के नजर आए। इनमें से 650 अकेले जोधपुर मंडल के हैं। इनमें एक दर्जन फाटक ऐसे हैं, जहां पिछले एक वर्ष में दो-तीन हादसे हो चुके हैं। हालांकि जोधपुर मंडल के अधीन 21 मानव रहित क्रॉसिंग पर पुल बनाने का काम शुरू किया गया, जिसमें से 9 का निर्माण पूरा हो चुका है।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से मानव रहित क्रॉसिंग पर हो रही दुर्घटनाओं के आंकड़े मांगने के बाद जागे रेलवे प्रशासन ने ओवरब्रिज व अंडरब्रिज बनाने की योजना बनाई है। कुछ जगह ऐसी भी है जहां मानव रहित क्रॉसिंग कम दूरी पर बने हुए हैं, उन्हें क्लब कर कम किया जा रहा है।
रेलवे क्रॉसिंग पर एक नजर
जोन में क्रॉसिंग --------- 3309
मानव रहित क्रॉसिंग ----- 1920
जोधपुर मंडल में -------- 650
कितने पर लगेंगे चौकीदार -- 72
प्रस्तावित पुल ---------- 20
20 नए पुल बनाने की मंजूरी
रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2008-09 में जोन में चार नए पुल बनाने की मंजूरी देने के साथ ही कुछ बजट जारी कर दिया है। जबकि रेलवे मुख्यालय ने पहले से ही प्रस्तावित 16 पुल के लिए भी 35 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है। इनमें से एक दर्जन पुलों का प्रारंभिक काम शुरू हो चुका है।
कुछ अटके, कुछ बने
राज्य सरकार की बात पर विश्वास करें तो उत्तर पश्चिम रेलवे के 11 क्रॉसिंग पर ऊपरी पुल बनाने के लिए मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन रेलवे मुख्यालय की स्वीकृति नहीं मिलनेसे इनका काम अटका हुआ है। रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि रेलवे प्रशासन ने एक दशक में उत्तरी पश्चिम रेलवे जोन में 35 ऊपरी पुल बनवाए। गत चार वर्षो में 11 पुल बने और 23 का निर्माण चल रहा है।
72 पर चौकीदार लगेंगे
रेलवे की योजना के तहत जोन के 72 मानव रहित क्रॉसिंग पर चौकीदार लगाने की स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपए का बजट आबंटित किया जा चुका है। रेलवे के जोधपुर मंडल की इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों ने बताया कि जोधपुर मंडल के 21 मानव रहित क्रॉसिंग पर पुल का काम चल रहा है। वहीं बीकानेर मंडल के 183 मानव रहित क्रॉसिंग की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी रेलवे मुख्यालय ने बजट आबंटित कर दिया है।
जोधपुर मंडल में साढ़े आठ सौ रेलवे क्रॉसिंग हैं। इनमें से साढ़े छह सौ क्रॉसिंग बिना फाटक के हैं। रेलवे प्रशासन फाटक लगाने के मामले में काम कर रहा है। इन क्रॉसिंग का मेरिट के आधार पर चयन करते हुए जिन पर अधिक यातायात का दबाव है, वहां फाटक लगाने या फिर आरओबी या अन्य समाधान निकालने पर काम किया जा रहा है। जैसे-जैसे बजट मिलता है, उसके अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर काम करवाया जा रहा है।
—रामूलाल मीणा, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, जोधपुर मंडल