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फार्मो के लिए भटके, ताले भी नहीं खुले

कोटा. voter मतदाता सूचियों में संशोधन के लिए रविवार को लगाए गए शिविर अव्यवस्थाओ का शिकार हो गए। मतदाताओं को अपने नाम जुड़वाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। कई स्थानों पर फार्र्मो की कमी के चलते जेरोक्स वालों की पौ-बारह हो गई और एक एक फार्म 10-10 रुपए में बेचा गया।

निर्वाचन विभाग की ओर से रविवार को विशेष संशोधन शिविर लगाए गए थे। लोग अपने अपने फार्म लेकर शिविरों में उमड़ पड़े। उधर, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा भरे गए फार्म भी कई स्थानों पर अस्वीकार कर दिए गए। आरकेपुरम में एक स्कूल का ताला नहीं खुलने की वजह से दो बजे तक सरकारी कर्मचारियों ने कार्य ही शुरू नहीं किया। छावनी, कोटड़ी में फार्म कम पड़ जाने की वजह से जेरोक्स की दुकानों पर भीड़ लगी रही। रामपुरा में महारानी स्कूल में भी कर्मचारी केवल पांच फार्म ही लेकर पहुंचे।

कहां-कैसे हालात
स्थान - श्रीनिकेतन विद्यालय आदर्श नगर, कुन्हाड़ी, भाग संख्या -4, 5, 6 व 7
यहां सैकड़ों की संख्या में मतदाताओं के फार्म स्कूल परिसर के बरामदे में बिखरे पड़े थे। महिलाओं व पुरुषों में अपने-अपने आवेदन को ढूंढ़ने के लिए मारामारी मची हुई थी। कर्मचारी कमरों के भीतर मौजूद थे, लेकिन बाहर हो रहे हंगामे से अंजान बने हुए थे। यहां बापू नगर बस्ती के मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए केन्द्र बनाया गया था। अधिकांश गरीब व अशिक्षित मतदाता इधर से उधर भटकते रहे।

ताले नहीं खुले
स्थान-राउप्रा संस्कृत विद्यालय, आरकेपुरम, भाग संख्या -147
यहां सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, लेकिन स्कूल के ताले नहीं खुले। कर्मचारियों ने खुले में बैठकर कार्य करने से मना कर दिया है। कई घंटे बीतने के बाद भी जब ताले नहीं खुले तो माहौल गरमा गया। हंगामे की स्थिति बनने के बाद पंचायत समिति सदस्य विष्णु पारेता ने प्रधानाध्यापक से संपर्क किया तो उनका कहना था कि प्रशासन की ओर से उन्हें यह नहीं बताया गया कि स्कूल को केन्द्र बनाया गया। दिन में दो बजे मिड-डे-मिल का सामान आने पर एक कर्मचारी ने स्कूल के ताले खोले तब जाकर कार्य शुरू हो पाया।

वीणाधारणी स्कूल, छावनी
भाग संख्या 21: यहां मतदाता सूचियों में संशोधन का कार्य शुरू होने पर पता चला कि मतदाता सूची ही ही नहीं है। इस पर कई लोगों ने रोष जताया। क्षेत्रवासी खेमचंद शाक्यवाल ने बताया कि छावनी क्षेत्र के मतदान केन्द्रों पर फार्म नहीं मिले, जेरोक्स की दुकानों से 3-3 रुपए में फार्म खरीदने पड़े। मतदान बूथों पर बैठे कर्मचारियों ने कई लोगों को यह कहकर लौटा दिया कि उनके पास फार्म नहीं है।

कोई सुनवाई नहीं
आदर्श नगर स्थित श्रीनिकेतन विद्यालय में संतोष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने फार्म नहीं मिलने तथा अव्यवस्था के संबंध में कई अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं के सैकड़ों फार्म भरवाए थे, लेकिन भाग संख्या गलत डाल देने की वजह से उन्हें निरस्त कर दिया गया।

नियमित चलेंगे शिविर
मतदान केन्द्रों पर नाम जुड़वाने व कटवाने की व्यवस्था नियमित जारी रहेगी। पोलिंग बूथों का निरीक्षण कर जहां फार्म नहीं थे, वहां फार्म भिजवाए।बूथों पर आ रही समस्याओं व कमियों के संबंध में सोमवार को सुपरवाइजरों की बैठक रखी गई है।
-एस.एल. शर्मा, उपजिला निर्वाचन अधिकारी





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