HomeNewsRajasthanKota Kota

अब निगम उलटे कदम

कोटा. अपनी संपत्ति मानकर किशोर सागर तालाब में बोटिंग का ठेका देने का मानस बना रहे नगर निगम प्रशासन ने अब इससे हाथ खींच लिए हैं। किशोर सागर तालाब और जगमंदिर के सौंदर्यकरण पर आरयूआईडीपी परियोजना में आठ करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

कार्य पूरा होने के बाद तालाब में वर्षभर पानी भरा रहेगा। इसमें बोटिंग के लिए नगर निगम ने प्रयास शुरू कर दिए। इसके लिए निविदाएं भी आमंत्रित कर ली। इस बीच पुरातत्व विभाग ने इसे अपनी संपत्ति बताते हुए यहां कार्य कराने पर आपत्ति दर्ज करा दी।

प्रशासन की पहल पर नगर विकास न्यास में हुई बैठक में पुरातत्व विभाग के रिकॉर्ड को देखकर इन्हें पुरातत्व की संपत्ति मान लिया गया। इसके बाद अब नगर निगम ने यहां बोटिंग शुरू कराने की योजना से हाथ खींच लिया है। पहले उनकी ओर से निविदाएं आमंत्रित करके कार्यादेश जारी करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी।

आदेश मिलेगा तो कराएंगे बोटिंग : निगम आयुक्त सतीश बारुपाल ने बताया कि किशोर सागर में बोटिंग की पूरी तैयारी कर ली गई थी। केवल कार्यादेश जारी करना बाकी है। यह कार्यादेश अभी एक वर्ष के लिए है लेकिन, इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब संपत्ति ही पुरातत्व विभाग की है तो निगम यहां कैसे बोटिंग करवाएगा। प्रशासनिक स्तर पर पहले इसका फैसला हो जाए कि कौन बोटिंग करवाएगा, उसके बाद ही निगम आगे की कार्रवाई करेगा।

आपत्ति नहीं : पुरातत्व विभाग के अधीक्षक के.एल. मीणा ने कहा कि शहर के विकास व सौंदर्यकरण से पुरातत्व विभाग को इनकार नहीं है, लेकिन जो भी कार्य हो विभाग की स्वीकृति ली जाए। उन्होंने कहा कि निगम यदि तालाब में बोटिंग कराता है तो पहले उनके विभाग से स्वीकृति ले ले, इसके बाद कोई निर्णय करे, विभाग को इसमें कोई आपत्ति नहीं है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: