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बेटियों के लिए छोटा है सरकार का दिल

सीकर. girl ‘पालने’ से निकलकर सोनी नन्हें कदमों पर चलने लगी तो उसे गांव के बालिका स्कूल में दाखिला करा दिया गया। मां की लाडली सोनी गांव के बाहर किसी स्कूल में पढ़ाई करने नहीं जाना चाहती, लेकिन अब वह आठ बरस की हो गई है। गांव में इससे आगे की शिक्षा है ही नहीं।

यह दर्द सिर्फ सोनी के पिता कल्लूमल का नहीं, बल्कि उसके जैसे सैकड़ों पिता के हैं। उन्हें मलाल इस बात का भी है कि सरकार ने उनकी बेटियों के साथ सिर्फ छलावा किया। क्योंकि सीकर में न तो सरकारी बालिका स्कूलों को इस सत्र से क्रमोन्नत किया गया है और न ही सरकारी महिला कालेज खोला गया। दोनों मामलों में सरकार ने सीकर की बेटियों को सिर्फ सुनहरे सपने ही दिखाए हैं।

दो साल पहले तत्कालीन शिक्षा मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने राज्य की बालिका स्कूलों को नए शिक्षा सत्र से क्रमोन्नत करने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद कई स्कूलों में तो लाखों रुपए की लागत से भवन निर्माण भी करा दिया गया, मगर शिक्षा सत्र आया तो सरकार इन्हें क्रमोन्नत करना भूल गई। शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जिले के करीब 35 से अधिक स्कूलों में पढ़ रही ‘बेटियां’ आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल क्रमोन्नत होने का इंतजार कर रही हैं।

कब पूरे होंगे सपने
क्रमोन्नत होने के लिए जिले की पीएस चुड़ौली, गोठड़ा भुकरान, दूजोद, पीएस ढांढन, पीएस फतेहपुरी गेट सीकर बालिका, पीएस बालिका वार्ड नौ सीकर, पीएस बालिका शास्त्री नगर सीकर, पीएस बालिका सैनी स्कूल, पीएस मैई बालिका स्कूल दांतारामगढ़, पीएस कैलाश बालिका दांतारामगढ़ तथा पीएस बाय दांतारामगढ़ बालिका स्कूल सहित 35 स्कूल अभी तक क्रमोन्नत होने की राह ताक रहे हैं।

सरकारी महिला कॉलेज भी नहीं
सीकर में सरकारी महिला कॉलेज भी अब नहीं खोला जाएगा। विश्वविद्यालय ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखकर कहा है कि सीकर में दो महिला कालेज पहले से चल रहे हैं, ऐसे में वहां कालेज खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सीकर में करीब तीन साल पहले सरकारी महिला कालेज खोलने की घोषणा की थी।

मुझे क्रमोन्नत नहीं होने के संबंध में अधिक जानकारी नहीं है। हालांकि कई स्कूलों को क्रमोन्नत कर दिया गया है।
-रामलालसिंह, कार्यवाहक डीईईओ प्राइमरी

स्कूल अभी तक क्रमोन्नत नहीं हुए। स्कूल में भवन निर्माण भी हो चुका था।
-कांता बिजारणियां,प्रधानाध्यापक, ढांढण बालिका स्कूल





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