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International International वॉशिंगटन. चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए जापानी वैज्ञानिकों ने विश्व का पहला कृत्रिम डीएनए अणु बना लिया है।
मानव के असली डीएनए से मिलते-जुलते इस कृत्रिम डीएनए की मदद से आने वाले दिनों में नैनो कंप्यूटर, जीन थैरेपी और अन्य हाईटेक प्रयोगों में बड़ी सफलता की उम्मीद की जा रही है।
यूनिवर्सिटी ऑफ टोयामा के वैज्ञानिक मासाहिको इनोउए और उनके दल ने प्राकृतिक डीएनए की तर्ज पर प्रयोगशाला में चार कृत्रिम बेस को आपस में जोड़कर कृत्रिम डीएनए तैयार किया।
इस प्रयोग में दो रेशे वाले ढांचे बने, जो हूबहू प्राकृतिक डीएनए की तरह थे। इनमें से कुछ तो तीन रेशे वाले ढांचे बनाने में भी सक्षम थे। शोधकर्ताओं के हवाले से ‘लाइव साइंस’ ने कहा है कि इन डीएनए की मदद से जेनेटिक सिस्टम में सूचनाओं के संग्रह को विस्तार मिलने की असीम संभावना है।