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चौमासे से पहले है चार सावे

बीकानेर. चौमासा आरंभ होने से पहले इस बार शादी के चार श्रेष्ठ मुहूर्त हैं उसके बाद मांगलिक कार्यो पर चार महीने के लिए विराम लग जाएगा। इन चार मुहूर्तो में 11 जुलाई का मुहूर्त श्रेष्ठ माना जा रहा है। चार दिनों में शहर में सैकड़ों शादियां होनी है जिसके कारण रौनक बढ़ गई है। ज्योतिर्विद पंडित हरिनारायण व्यास ‘मन्नासा’ ने बताया कि इस बार पहला मुहूर्त 8 जुलाई मंगलवार को है।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की छठ का यह मुहूर्त उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का है जो 9 रेखा से है। 9 जुलाई का मुहूर्त हस्त नक्षत्र का है और उसकी रेखा 8 है। 11 जुलाई को स्वाति नक्षत्र का मुहूर्त है और ये सर्वश्रेष्ठ है। शुद्ध नवमी के इस मुहूर्त में 10 रेखा है इसलिए इसे सभी जातियों के लिए अच्छा माना गया है।

पंडित व्यास बताते हैं कि इसको इसी कारण अबूझ सावे की संज्ञा भी दी गई है। इस दिन वे लोग भी सामान की खरीद व अन्य मांगलिक कार्य आरंभ कर सकते हैं जिनके यहां शादी चौमासे के बाद नवंबर में है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी का चौथा सावा 12 जुलाई को है और स्वाति नक्षत्र का यह सावा 10 रेखा का है।

पंडित मन्नासा ने बताया कि 13 जुलाई से चातुर्मास आरंभ हो जाएंगे। देवशयनी एकादशी से देव अपने शयन कक्ष में विश्राम के लिए चले जाते हैं और उनके वापस उठने तक मांगलिक कार्य नहीं होते। इन चार सावों की अल्पता के कारण इस बार बीकानेर में बड़ी संख्या में शादियां हो रही है।

देव जागेंगे नौ नवंबर को

देवशयनी एकादशी से शयन के लिए जाने वाले देव वापस देवउठनी एकादशी 9 नवंबर को वापस जागेंगे। पंडित व्यास बताते हैं कि देवों के जागने के साथ ही मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे। 13 जुलाई से 8 नवंबर तक चातुर्मास रहेगा और इसमें धर्म-ध्यान व दान-पुण्य का जोर रहेगा। मांगलिक कार्य नहीं होंगे। देवउठनी एकादशी के बाद लोग आगे के सावे निकलवाकर मांगलिक कार्य करेंगे।





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