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रुई गर्माने से कपड़ा बाजार ठंडा

पाली. दिनोंदिन बढ़ती महंगाई से देश का रुई बाजार भी अछूता नहीं है। बाजार में रुई के भावों में आई अचानक तेजी से कपड़ा बाजार पर जबरदस्त असर पड़ा है। ग्रे कपड़ा (कच्च माल) उत्पादकों ने दो रुपए प्रति मीटर तक दाम बढ़ा दिए हैं। चीन के बाजार में रुई की बढ़ती मांग के कारण ये स्थिति उत्पन्न हुई है।

व्यापारिक सूत्रों के अनुसार एकमाह पूर्व रुई का भाव 53 रुपए प्रति किलो था। चीन से लगातार आ रही मांग के कारण अब यह भाव 76 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसके बावजूद इस भाव में भी आवश्यकतानुसार रुई उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस कारण इचलकरंजी, मालेगांव व भिवंडी के व्यापारियों ने ग्रे कपड़े के दाम दो रुपए प्रति मीटर तक बढ़ा दिए हैं। नए माल की खरीदारी व बिक्री भी नए भावों से ही हो रही है। पाली में प्रतिदिन दस हजार से अधिक रुई की गांठों की खपत है।

साड़ी पहुंची दुगने दाम पर
ग्रे कपड़े के भावों में आई तेजी से यहां बनने वाली साड़ी के दामों में सौ रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। नए भावों के मुताबिक उद्यमियों को ऑर्डर भी अपडेट करने पड़ रहे हैं। एक माह पूर्व, 100 रु. में बिकने वाली साड़ी अब दो सौ रु. की हो गई है। इसका असर पाली सहित सूरत के साड़ी बाजार पर भी पड़ा है।

पुराने ऑर्डर, नए भाव
देशभर से पाली के उत्पाद का ऑर्डर उद्यमियों को साल भर का एक साथ मिलता है। तीन माह में भुगतान के चलते यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है।

भाव बढ़ने से व्यापारियों को पुराने ऑर्डर पर माल भेजने में घाटा उठाना पड़ रहा है। उद्यमियों के अनुसार नवंबर तक की रुई की खरीद 27 हजार रुपए प्रति खंडी (300 किलो रुई की गांठ) के अनुसार हो चुकी है। इसलिए निकट भविष्य में कपड़े के भाव घटने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

रुई के भावों ने उद्यमियों का गणित ही बिगड़ दिया है। उन्हें नई दर में माल बेचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
-प्रदीप धारीवाल, उद्यमी

इचलकरंजी के व्यापारियों ने अपने प्रोडक्ट के भाव दो रुपए प्रति मीटर बढ़ा दिए हैं। उसी दाम पर हम माल बेच रहे हैं। रमेश कुमार जैन, ग्रे कपड़ा व्यापारी, पाली





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