उदयपुर. फूटातालाब पेटे में बनी आवासीय कॉलोनी की 90 बी की अपील खारिज हो जाने से परेशानी में पड़े बाशिंदों ने मंगलवार को यूआईटी पहुंचकर सचिव से कॉलोनियों वालों के पक्ष में पुन: अपील करने की मांग की। यूआईटी ने एक सप्ताह में अपील के लिए विधिक मशविरा कर फैसला करने का आश्वासन दिया।
फूटा तालाब क्षेत्र में बसे सेक्टर 13, गोविंदनगर, रूपाजी की बाड़ी, बसंत विहार, किरण बाग कॉलोनी आदि के बाशिंदों ने जनहित संघर्ष समिति का गठन कर संरक्षक किरण जैन और अध्यक्ष प्रेमप्रकाश लबाना के नेतृत्व में यूआईटी दफ्तर पहुंचकर घेराव किया। ट्रस्टी मांगीलाल जोशी के पहुंचने पर बाहर खड़े दर्जनों लोग सचिव जोगाराम जांगिड़ को ज्ञापन देने पहुंचे। कॉलोनी वालों की भीड़ को आता देख दफ्तर के मुख्य द्वार पर ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया और सिर्फ प्रतिनिधि मंडल को ही अंदर जाने की इजाजत दी।
प्रतिनिधि मंडल में संरक्षक किरण जैन, धर्मनारायण सुहालका, पार्षद लीला मेघवाल, अध्यक्ष प्रेम लबाना, मंजु शर्मा, गुरुबख्शसिंह होड़ा, कमल शर्मा आदि थे। प्रतिनिधि मंडल ने अपना पक्ष रखते हुए सचिव से यूआईटी की ओर से कॉलोनी वालों के पक्ष में रेवेन्यू बोर्ड, अजमेर या सक्षम न्यायालय में अपील दायर करने की मांग की। इस पर सचिव ने एक सप्ताह में विधिक राय से उचित कदम उठाने का भरोसा दिया।
चर्चा में बताए सुझाव
प्रतिनिधि मंडल में किरण जैन, पदम शर्मा ने यूआईटी सचिव से चर्चा करते हुए बताया कि यदि यह तालाब पेटे की जमीन थी तो पट्टा क्यों जारी किया गया। बेदखल करने या अवैध करार देने के निर्णय की बजाय वहां ओवरब्रिज बनाकर जल निकासी का प्रबंध किया जा सकता है।
बैंकों से मिलने लगे हैं नोटिस
भाजपा नेता किरण जैन ने बताया कि कई लोगों ने बैंकों से कर्ज लेकर भवन निर्माण के लोन ले रखे है। बदले में उन्हें यूआईटी से जारी हुए पट्टे बैंकों में गिरवी रखे हैं। कोर्ट से आदेश होने के बाद से कई लोगों को बैंकों के नोटिस मिल चुके है और कइयों को फोन मिल रहे हैं।
एक सप्ताह में राय
कॉलोनी के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश लबाना ने बताया कि सचिव ने एक सप्ताह में विधिक राय लेकर यूआईटी के पावर में होने पर अपील दायर करने को कहा है। अगले सप्ताह कॉलोनी के लोग फैसला लेकर जाएंगे। चाहे दिन रात यहां पर ही क्यों ना गुजारनी पड़े।
कौन देगा जवाब
जनहित संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों को बैंक कर्ज देकर वापस मांग करने लगी है, उनको इतनी मोटी रकम कौन चुकता करेगा? संपत्ति और बैंक के कर्ज की टेंशन में कोई जनहानि हुई तो कौन जिम्मेदार होगा।
मेरे पास आया फोन
कॉलोनी के गुरुबख्श होड़ा ने बताया कि मेरे पास रोजाना बैंक के कर्ज की रकम जमा कराने के लिए फोन आ रहे हैं। ऐसे ही आसपास के कई लोगों के पास फोन और नोटिस पहुंच रहे हैं जिन्हें जवाब देना मुश्किल होता जा रहा है।
यूआईटी अपील करें
ट्रस्टी मांगीलाल जोशी का इस मामले में कहना था कि पट्टे यूआईटी से जारी हुए है। चाहे वह गलती से किए हो या जायज तरीके से। ऐसे में जो लोग मुसीबत में आए है, उनके लिए अपील करके पक्ष में निर्णय यूआईटी को ही निर्णय करवाना होगा।