सराड़ा.
उदयपुर-सलूंबर मार्ग पर स्थित जयसमंद गांव के ग्रामीण और वहां की पुलिस को पिछले छह महीनों से एक चित्ती (फुंकार से शिकार को मारने वाला सांप) से इतने भयभीत हैं कि रात होते ही गांव के लोग में दुबक जाते हैं और लोगों की हिफाजत का जिम्मा उठाने वाली जयसमंद पुलिस चौकी के दरवाजे भी बंद हो जाते हैं। चित्ती को अभी तक किसी ने देखा नहीं है और न कोई उसका शिकार बना है, लेकिन सभी खौफ के साये में हैं।
छह बजे बाद चौकी बंद करने का रुटीन छह महीने से है। बताया गया कि इसके आसपास के क्षेत्र में एक चित्ती विचरण करती है। हालांकि अब तक इसकी चपेट में आने की एक भी घटना नहीं हुई है। पुलिसकर्मी चौकी में आने-जाने वालों को भी सावधानी की हिदायत देते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि चित्ती इनसान को भी निगल लेती है।
इनका कहना है
हां, चित्ती से स्टाफ में खौफ है। अंधेरे में ज्यादा सावधानी रखनी पड़ती है, हम भी तो इंसान हैं। चित्ती की सूचना उच्चधिकारियों को नहीं दी है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से शाम को चौकी के गेट बंद कर काम-काज निबटाते है। फरियादी के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हर आने वाले को भी चित्ती से सावधान रहने को कहते हैं।
—पूनमचंद मीणा, प्रभारी, पुलिस चौकी, जयसमंद
मैं तीन साल से यहां हूं। कभी देखा तो नहीं, लेकिन लोगों से सुना है कि एक साल पहले चित्ती ने भैंस को निगल लिया था। स्टाफ रातभर चौकन्ना रहता है।
—भगवतसिंह, कांस्टेबल, पुलिस चौकी, जयसमंद
जंगल में अजगर जरूर हैं। हो सकता है विचरण करता हुआ इन्हीं में से कोई इधर आ गया हो, जिस पर ग्रामीणों की नजर पड़ गई हो। चित्ती जैसे जानवर की मौजूदगी मेरी जानकारी में नहीं है। फिर भी पता करवाएंगे।
—अमरसिंह, रेंजर, वन्यजीव अभयारण्य, जयसमंद
क्या है चित्ती
सरीसृप, जिसका शरीर गोलाई लिए होता है। यह शरीर के रिंग्स (वलयों) को सिकोड़-फैलाकर बढ़ती है। शिकार को निगलने के बाद यह अजगर की तरह शरीर को लंबा तान देती है। कुछ देर बाद यह पेड़ से लिपटकर शिकार को पचाती है।
‘जहरीला है, लेकिन जहर नहीं फेंकता’
उदयपुर स्थित विज्ञान महाविद्यालय में प्राणीशास्त्र विभाग की डॉ. आर.पी. प्रसाद ने बताया कि सभी रेप्टाइल्स (सांप प्रजातियां) जहरीले नहीं होते। जिस जंतु की ग्रामीण बात कर रहे हैं, वह वाइपर है।
काली-सफेद बिंदियों वाले इस सरीसृप का जहर घातक है, जो शिकार के शरीर में खून का थक्का जमा देता है। यह जहर नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) व दिमाग पर भी तेजी से असर करता है। वाइपर कुंडली मारकर ही बैठता है। अपनी हिफाजत के लिए वह लगातार हिसिंग (सीटी और हिस्स की आवाज) करता रहता है। उसके जहर फेंकने या बड़े जीवों को निगलने की बातें बेमानी हैं। छोटे-मोटे जानवर जरूर निगल सकता है।