नई दिल्ली.
भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ करिअर के ऐसे दौराहे पर हैं, जहां उन्हें वनडे क्रिकेट में अपने भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचना होगा।
भारत के इन दो पूर्व कप्तानों को सितंबर में पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए घोषित 30 संभावितों में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद इन दोनों दिग्गज बल्लेबाजों के वनडे करिअर पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
हालांकि दोनों खिलाड़ियों टेस्ट करिअर सरपट दौड़ रहा है। सौरव और राहुल दोनों श्रीलंका दौरे पर खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल हैं।
अक्टूबर 2007 के बाद वनडे मैच नहीं खेल सके हैं द्रविड़ : द्रविड़ ने अपने ३३३ वनडे में से आखिरी मैच १४ अक्टूबर २क्क्७ को नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। गांगुली ने अपने ३११ वनडे में से आखिरी मैच १५ नवंबर २क्क्७ को ग्वालियर में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। उसके बाद से ही ये दोनों खिलाड़ी एक दिवसीय टीम से बाहर हैं।
अनुभव पर नई पौध को मिल रही है तरजीह :
भारतीय क्रिकेट के ‘कमबैक मैन’ गांगुली और ‘द वाल’ के नाम से मशहूर द्रविड़ के नाम एक दिवसीय क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड हैं, लेकिन चयनकर्ताओं की नजर उनके अनुभव पर नहीं बल्कि युवा खिलाड़ियों की नई पौध पर है, जो तेजी से भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहे हैं।
बढ़ती उम्र बनी बाधा :
गांगुली और द्रविड़ की बढ़ती उम्र उनके आड़े आ रही है। हालांकि श्रीलंका के सनत जयसूर्या (३९) ने एशिया कप के फाइनल में भारत के खिलाफ ताबड़तोड़ शतक लगाकर यह साबित किया कि प्रदर्शन के लिए उम्र मायने नहीं रखती। पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता संबरण बनर्जी गांगुली और द्रविड़ को चैंपियंस ट्रॉफी के संभावितों में शामिल नहीं किए जाने से खफा हैं। बनर्जी ने कहा कि मिनी विश्व कप मानी जाने वाली चैंपियंस ट्राफी के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बहरहाल चयनकर्ताओं की बेरुखी को देखते हुए गांगुली और द्रविड़ को जल्द ही यह फैसला करना होगा कि उन्हें वनडे क्रिकेट को कब अलविदा कहना है।