मुंबई.
नियम बनाना आसान होता है, लेकिन उनका पालन मुश्किल। यही बात यहां बुधवार को सामने आ गई जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने मराठी में बातचीत का खुद ही बनाया नियम हिंदी बोलकर तोड़ दिया।
उल्लेखनीय है कि राज ठाकरे ने 3 मई को यहां के शिवाजी पार्क में एमएनएस की रैली में उत्तर भारतीयों के खिलाफ आग उगलते हुए कहा था कि हर मराठी भाषी को अपनी बात हर हाल में मराठी में ही शुरू करनी चाहिए।
बुधवार को जब उनके सामने हाल ही में एमएनएस से जुड़े 300 उत्तर भारतीय आए तो राज की जुबान ने दगा दे दिया। एमएनएस के दादर स्थित मुख्यालय राजगढ़ में मेरू कैब सर्विस से जुड़े एमएनएस के ये नए कार्यकर्ता राज का धन्यवाद देने आए थे। राज ने उन सबको मिलने के लिए कार्यालय के बाहर लगभग तीन घंटे तक इंतजार तो कराया, लेकिन जब बात हिंदी में की तो सारे गिले-शिकवे दूर हो गए।
बुधवार को ये बोले : आप लोगों की डिमांड्स पूरी हो गई हैं। अब कोई चिंता नहीं। आप कल से काम चालू कर दो।
3 मई को यह कहा था: बाहर से आने वाले लोग मराठी सीखना नहीं चाहते थे, क्योंकि हम उन्हें मराठी का इस्तेमाल किए बगैर यहां रहने देते हैं। अगर हम उनके साथ केवल मराठी में ही बात करेंगे तो यहां रहने के लिए उन्हें मराठी सीखनी ही पड़ेगी।