जोधपुर.
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का मानना है कि देश के पॉवर प्लांट को ईंधन के रूप में यूरेनियम की जरूरत है। वैसे देश में काफी मात्रा में थोरियम उपलब्ध है, लेकिन उसे परिष्कृत करने की आवश्यकता है। वर्तमान में दस वर्ष तक का परमाणु ईंधन उपलब्ध है। करार से देश को निर्बाध रूप से ईंधन मिलेगा।
पूर्व राष्ट्रपति कलाम बुधवार को बादलचंद सुगन कंवर चौरड़िया बालिका माध्यमिक विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में जोधपुर के विद्यालयी बच्चों के सवालों के जवाब दे रहे थे। वे यहां डॉ. डी.एस. कोठारी स्मृति व्याख्यान माला में भाग लेने आए हुए हैं।
कार्यक्रम के दौरान जब मेजबान स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा लक्ष्मी जैन ने उनसे सवाल किया कि क्या परमाणु समझौते के बाद भी भारत परमाणु शक्ति बना रह सकेगा? तो उन्होंने विस्तार से जवाब देकर देश में पॉवर प्लांट के लिए यूरेनियम के महत्व को समझाया। कलाम ने कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न स्कूली बच्चों के सवालों के जवाब रोचक अंदाज में दिए।