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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. कालेजों में प्रवेश के लिए तिथि बढ़ाए जाने के शासन के निर्णय से शैक्षणिक कैलेण्डर गड़बड़ा गया है। इसके चलते छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति नहीं हो सकेगी। इसके लिए कालेजों में एक्स्ट्रा क्लासेस लगाने की जरूरत पड़ सकती है।
शासन ने सत्र 2008-09 से कालेजों में सेमेस्टर प्रणाली लागू कर दी है। अध्यापन कार्य से लेकर परीक्षा और परिणाम घोषित करने तक का शैक्षणिक कैलेण्डर जारी कर दिया है। इसके अनुसार प्रथम, तृतीय व पंचम सेमेस्टर का शिक्षण कार्य एक जुलाई से प्रारंभ कर 25 अक्टूबर तक कराया जाना अनिवार्य किया गया है। शासन ने चूंकि अब कालेजों में प्रवेश की अंतिम तिथि 25 जुलाई तक बढ़ा दी है। ऐसी स्थिति में छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति होना संभव नहीं है। नियमित छात्र के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है।
75 प्रतिशत उपस्थिति के लिए कालेजों में एक्स्ट्रा क्लासेस लगाना होंगी। ऐसा नहीं किया गया तो द्वितीय, चतुर्थ व षष्ठम सेमेस्टर का अध्यापन कार्य देर से प्रारंभ होगा। लिहाजा, सेमेस्टर पद्धति शुरुआती दौर में लड़खड़ा जाएगी जिसके चलते परीक्षा व परिणाम में विलंब होने का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ेगा।
सेमेस्टर पद्धति में छात्रसंघ चुनाव नहीं
शासन ने कालेजों में छात्र संघ चुनाव के लिए 29 व 30 अगस्त की संभावित तिथि घोषित की है लेकिन सेमेस्टर पद्धति लागू होने से चुनाव को लेकर असमंजस है।
शासन के नियम हैं कि जिन कालेजों में वार्षिक परीक्षा पद्धति की तुलना में सेमेस्टर पद्धति के पाठ्यक्रम अधिक हैं, वहां छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे। छात्रसंघ चुनाव को लेकर यदि शासन के पूर्व वर्षो के आदेश प्रभावी रहे तो भी अधिकतर कालेजों में छात्र संघ चुनाव नहीं हो सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी इस संबंध में स्पष्ट कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं।
देर से प्रवेश लेने वाले छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति के लिए जरूरत के अनुसार एक्स्ट्रा क्लासेस लगाना पड़ेंगी। छात्रसंघ चुनाव के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
डॉ. प्रभा वर्मा, अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा भोपाल