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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. कलेक्टर ने खनिज विभाग के सभी पट्टेधारियों से कहा है कि वे खनन एवं परिवहन का काम तत्काल बंद कर दें। ऐसा न करने पर पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय जबलपुर ने बिना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी के चल रही खदानों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने का निर्देश दिया था, इसके पालन में ही यह कार्रवाई की गई है।
खनिज अधिकारी गोविन्द शर्मा ने बताया कि जिले में इस समय 263 अलग-अलग खदानों के पट्टे दिए गए हैं। इनमें से 22 ने मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति ली है जबकि शेष बिना एनओसी के चल रही हैं।
न्यायालय के आदेश के बाद खनिज विभाग से मिले निर्देश पर कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने उक्त सभी पट्टेधारियों से कहा है कि वे जिला कार्यालय से जारी ट्रांजिट पास (पिटपास) तत्काल खनिज विभाग में जमा करा दें और आगामी आदेश तक खनन एवं परिवहन बंद रखें।
श्री शर्मा के अनुसार, इस मामले में विभाग ने प्रदूषण विभाग से सभी पात्र पट्टेधारियों को एनओसी समय सीमा में जारी करने को कहा है ताकि खदानों व क्रेशरों पर काम करने वाले मजदूर बेरोजगार न होने पाएं।
खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विभाग को जिले के पट्टेधारियों से सालाना पांच करोड़ रुपए जबकि मासिक 60 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। खनिज अधिकारी ने कहा कि यदि कोई भी पट्टेधारी रोक के बाद भी काम जारी रखता है तो उसके खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कराने के अलावा मौके पर मौजूद सामग्री भी जब्त कर ली जाएगी।
जिले में खनिज कारोबार
>> फर्शी पत्थर खदान-79.
>> काला पत्थर क्रेशर-125.
>> मुरम की नीलाम खदानें-04
>> ईंट मिट्टी (चिमनी)-18.
>> रेत खदानें- 12.
>> मुख्य खनिज खदानें-03.