बीकानेर.
विकास के मामले में सांसद व सिने अभिनेता धर्मेन्द्र ‘वीरू’ ने बाजी मारी है। सांसद कोटे से हुई अभिशंसाओं की स्वीकृति के बाद अनेक कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं।
वर्तमान में भी लाखों रुपए के कार्य चल रहे हैं। सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में चाहे कुछ ही दिन या घंटे ठहरे हो लेकिन उनकी डिजायरों पर जिला प्रशासन ने भी वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर जिला परिषद ग्रामीण प्रकोष्ठ को भेज दी। वित्तीय स्वीकृतियां मिलने के बाद शुरू हुए अधिकांश कार्य अब पूर्ण हो चुके हैं।
सांसद कोटे से अब तक 956.67 लाख रुपए की अभिशंसाएं हुई, जिनमें से 931.17 लाख की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनसे जिलेभर में अनेक विकास के कार्य हुए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब सांसद कोटे से इतनी ज्यादा अभिशंसाएं की गई और उनके कार्य भी समय पर पूरे हो गए। इस साल दो करोड़ की हुई अभिशंसाओं में 78 लाख रुपए की स्वीकृतियां दी जा चुकी है।
वर्तमान में स्वीकृत हुई अभिशंसाओं से हो रहे कार्य में थोड़ी-सी शिथिलता आई है। सांसद कोटे से जिले में स्कूलों में कमरे, सामुदायिक भवन, पेयजल योजना, पीबीएम अस्पताल में सेल सैपरेटर मशीन, सड़क निर्माण आदि कार्य शामिल हैं।
लेप्स नहीं होता सांसद कोटे से मिला बजट
सांसद कोटे में प्रतिवर्ष दो करोड़ का बजट मिलता है। सांसद अपने कोटे से एक साल में दो करोड़ रुपए तक जनहित के कार्यो में खर्च कर सकता है। अगर किसी वर्ष दो करोड़ में से एक करोड़ 80 लाख रुपए खर्च होते है तो वह अगले वर्ष दो करोड़ 20 लाख की अभिशंसाएं कर सकता है। इस कोटे में मिला बजट लेप्स नहीं होता। पांच साल में दस करोड़ रुपए विकास कार्य पर खर्च करने होते है।
सांसद कोटे से अभी तक 931.17 लाख की अभिशंसाएं स्वीकृत की जा चुकी है। अभिशंसाएं होने के बाद वित्तीय स्वीकृति मिलते ही बजट आबंटित कर दिया जाता है। जिला परिषद ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ में अभिशंसाएं स्वीकृति के बाद देरी नहीं की जाती।
-एम.एल. खींची, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद