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झुंझुनूं के पांच करोड़ फंसे

झुंझुनूं. लगातार गिर रहे संसेक्स ने जिले के निवेशकों को भी काठ बना दिया है। जिन निवेशकों ने जनवरी में 22 हजार के इंडेक्स पर शेयर खरीदे थे उनके भाव पाताल में चले जाने से वे इन्हें बेच नहीं पा रहे। ऐसे निवेशकों की बड़ी संख्या होने के कारण उन्हें बाजार में मंदी के बावजूद शेयर खरीदने का अवसर नहीं मिल रहा।

शेयर ट्रेडिंग सेंटर के संचालकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले भर के करीब हजार निवेशकों के लगभग पांच करोड़ रुपए मंदी के इस दौर में अटके पड़े हैं। पुराने निवेशक इस स्थिति में जाम हो गए हैं लेकिन रिलायंस पावर के आईपीओ के दौरान शेयर बाजार में कूदे नए निवेशकों के सामने बढ़िया मौका भी है। ऐसे निवेशकों के पास पैसा होने के कारण उन्हें बेहद टूट चुके बाजार से कम कीमत पर अच्छी कंपनियों के शेयर खरीदने का अवसर मिल गया।

पैसा है तो सोने में सुगंध : जिन निवेशकों के पास इस समय एक्स्ट्रा पैसा है उनके लिए यह समय सोने में सुगंध के समान है। हालांकि मंदी के दौर में जिले में बोल्ट (आनलाइन शेयर ट्रेडिंग) पर शेयर खरीदने-बेचने वाले पहले की तुलना में आधे ही रह गए हैं लेकिन नए निवेशक अच्छी ट्रेडिंग कर रहे हैं। जिले के शेयर निवेशक फिलहाल तीन-चार करोड़ रुपए का लेनदेन कर रहे हैं। इनमें से 50 लाख रुपए रोजाना का कारोबार शार्ट टर्म के लिए हो रहा है। एक शेयर दलाल ने बताया कि उनके बोल्ट पर पहले 75 बिल बनते थे लेकिन आजकल डेढ़-दो सौ बिल ट्रेडिंग के बन रहे हैं।

कितने डीमेट खाते कितने निवेशक : जिले में वर्तमान में करीब चार हजार एक्टिव डीमेट अकाउंट हैं। करीब तीन लाख निवेशक बोल्ट पर शेयरों की खरीद-फरोख्त करते हैं। बीएसई व एनसई में लिस्टेट साढ़े तीन हजार कंपनियों के शेयरों में से झुंझुनूं के निवेशक ढाई-तीन सौ कंपनियों के शेयरों की ट्रेडिंग करते हैं। झुंझुनूं के निवेशक करीब डेढ़ सौ मिडकैप यानि छोटी कंपनियों के शेयर का व्यापार करने में ज्यादा रुचि रख रहे हैं। मंदी के इस दौर में इन कंपनियों के शेयर भाव बेहद गिर गए हैं।

निवेश सलाह : सुरेश राठी सिक्योरिटीज के नितिन अग्रवाल का कहना है कि निवेशकों के लिए यह सुनहरा अवसर है। उन्हें भेड़ चाल में नहीं जाकर धन, ध्यान और धीरज के फामरूले के अनुसार अच्छी कंपनियों के शेयर खरीदकर करीब 18 महीने इंतजार करना चाहिए। टिप्स के भुलावे में नहीं आना चाहिए। केंद्र सरकार के बदलाव के संकेत को ध्यान में रखकर पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में निवेश करना चाहिए। सट्टे की बजाय अच्छी कंपनियों के शेयरों में लोंग टर्म निवेश की ओर ध्यान देना चाहिए।





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