भारतीय वनडे क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के आराम का मामला गरमाने लगा है। कई इसे गलत कह रहे हैं तो कई धोनी के बोल्ड स्टेप की तारीफ करते हुए कहते हैं कि बल्लेबाजी की जिम्मेदारी निभाने के अलावा विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभाते-निभाते धोनी का थकना स्वाभाविक है। उल्लेखनीय है कि धोनी ने श्रीलंका टेस्ट दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम से स्वयं को बाहर कर लिया है।
वे लगातार की क्रिकेट से थक चुके हैं और कुछ दिनों तक आराम करना चाहते हैं। धोनी के इस निर्णय के बाद टीम में पार्थिव पटेल व दिनेश कार्तिक के रूप में दो विकेट कीपरों को जगह मिल सकी है। धोनी के निर्णय की पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने यह कह कर बचाव किया कि धोनी के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
स्वार्थी नहीं हैं धोनी
धोनी ने आराम के लिए न केवल आवाज बुलंद की बल्कि टीम से हटने का भी साहस किया। उन्होंने किसी और खिलाड़ी को टीम से बाहर रहने के लिए नहीं उकसाया। धोनी ने यह भी नहीं सोचा कि यदि पार्थिव या दिनेश कार्तिक में से कोई भी क्लिक हो जाएं तो उनका क्या होगा?पिछले 6 दिनों में धोनी की उपलब्धियां
1. आईसीसी वनडे रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचे2. एशिया कप क्रिकेट में बल्लेबाजी औसत में सर्वश्रेष्ठ 3. बीसीसीआई ने राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड के लिए धोनी के नाम की सिफारिश की 4. पेप्सी ने सचिन की जगह धोनी को अनुबंधित किया।
2007-08 सत्र में धोनी
टेस्ट 9
वनडे 22
ट्वेंटी 209
आईपीएल के मैच16