कोलकाता.
परिवार, विशेष रूप से अपने भाई स्नेहाशीष को बंगाल क्रिकेट के कुछ पदाधिकारियों की ओर से तंग किए जाने से खफा ‘बंगाल टाइगर’ सौरव गांगुली ने बंगाल की ओर से नहीं खेलने की धमकी दी है। हालांकि गांगुली ने पूर्व आईसीसी प्रमुख जगमोहन डालमिया से किसी तरह की अनबन से इंकार किया है।
गांगुली ने कहा है ‘मैं डालमिया के खिलाफ नहीं हूं और न ही उनके चुनाव जीतने से मुझे कोई परेशानी है। मेरी चिंता का सबब केवल मेरा परिवार है, जिसे कैब की ओर से लगातार परेशान किया जा रहा है।’
डालमिया इन, गांगुली आउट : पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने इस सत्र में बंगाल की ओर से खेलने के बारे में अपनी सहमति जताई है। हालांकि गांगुली ने कहा है कि अगर डालमिया चुनाव जीत जाते हैं, तो वे बंगाल की ओर से खेलना छोड़ देंगे। गांगुली का मानना है कि डालमिया के सत्ता में आने से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
डालमिया गुट ने किया इंकार : इस मामले में जगमोहन डालमिया के विश्वासपात्र बिवारुप डे ने कहा कि उनके गुट की ओर से किसी ने भी गांगुली के परिवार के बारे में कुछ भी नहीं कहा है।
गांगुली के गुस्से की वजह : कैब के सूत्र का दावा है कि गांगुली के गुस्से की एक वजह यह हो सकती है कि उनके बीमार पिता चंडीदास गांगुली, जोकि कैब के पांच सदस्यीय बोर्ड के एक ट्रस्टी हैं इस बार अपना पद नहीं बचा पाएंगे।
बंगाल के लिए ठीक नहीं : बंगाल की ओर से क्रिकेट नहीं खेलने की धमकी के बावजूद गांगुली ने माना कि कोई भी बंगाल छोड़ना नहीं चाहता। बंगाल छोड़ना काफी मुश्किल है। गांगुली के अनुसार डालमिया एंड कंपनी का सत्ता में आना बंगाल क्रिकेट के ठीक नहीं होगा।
वनडे में वापसी का भरोसा : चैंपियंस ट्रॉफी के तीस संभावितों की सूची में शामिल नहीं किए जाने के बावजूद गांगुली को भारतीय वनडे टीम में वापसी का भरोसा है। गांगुली ने कहा कि वनडे से संन्यास लेने का मेरा कोई इरादा नहीं है। मैं अभी खेल का लुत्फ उठा रहा हूं और मेरा ध्यान श्रीलंका में होने जा रही सीरीज पर है।