अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग में सचिव की गैरमौजूदगी में कार्यभार सौंपे जाने को लेकर घमासान मचा हुआ है। सचिव विकास सीताराम भाले उप सचिव राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अफसर डॉ. गोपालराम स्वामी की बजाय आयोग के ही प्रमोटी अधिकारी किशनलाल घारू को चार्ज सौंप गए हैं। नाराज स्वामी भी अवकाश पर चले गए हैं, जिससे पटवारी भर्ती प्रक्रिया का काम आनन-फानन में उप सचिव के. विधानी को सौंपना पड़ा है।
आयोग में सचिव पद पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर तैनात किए जाते हैं। वर्तमान में विकास सीताराम भाले सचिव के पद पर तैनात हैं। भाले 13 जून को लंबे अवकाश पर चले गए। वे ट्रेनिंग पर विदेश गए हुए हैं। जाते समय वे अपना पदभार उप सचिव किशनलाल घारू को सौंप गए। घारू आयोग के पुराने कर्मचारी हैं और पदोन्नत होकर उप सचिव बने हैं।
आयोग में आरएएस के वरिष्ठ अफसर डॉ. गोपालराम स्वामी भी उप सचिव पद पर तैनात हैं। वे मानकर चल रहे थे कि आरएएस अफसर होने के नाते सचिव का कार्यभार उन्हें दिया जाएगा। अब स्थिति यह है कि डॉ. स्वामी को कार्यवाहक सचिव के केएल घारू के अधीन काम करना पड़ रहा है। यही कारण है कि वे लंबे अवकाश पर चले गए हैं। हालांकि अवकाश का कारण कुछ और बताया गया है।
डॉ. स्वामी के अवकाश पर जाने के कारण आयोग में काम प्रभावित होने लगा है। वे आयोग की नॉन गजेटेड सेल के प्रभारी हैं, जो थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा सहित नॉन गजेटेड पदों की भर्ती संबंधी प्रक्रिया पूरी करती हैं। यही कारण है कि पटवारी भर्ती परीक्षा का काम आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी को मजबूरन उप सचिव के. विधानी को सौंपना पड़ा है।