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सैफ़ मेरा यार!

लाइफ़ और डांस में सही पार्टनर का होना जरूरी है। इस टैग लाइन के साथ सोनी ने अपने नए रियलिटी शो ‘कभी-कभी प्यार कभी-कभी यार’ का आग़ाÊा किया है। इस रियलिटी शो की ख़ूबियों के साथ ख़ास बात यह है कि हॉट बेब समीरा रैड्डी पहली बार किसी टीवी शो में बतौर जज आ रही हैं। ‘रेस’ में अपने लाइट कॉमेडी टच के किरदार के साथ दर्शकों की तारीफ़ पा रहीं समीरा को देखकर लगता है कि वह अब अपनी क्षमताओं को आंकने का मन बना चुकी हैं। यही नहीं, इस बातचीत में वह अपने प्यार और यार का भी इजहार कर रही हैं।

पहली बार आप टीवी पर कोई शो कर रही हैं?

टीवी बड़ा स्ट्रांग मीडियम है, जिसके जरिए आप अपने प्रशंसकों तक आराम से पहुंच सकते हैं। टीवी पर तो अमिताभ बच्चन, गोविंदा, शाहरुख़ ख़ान, सलमान ख़ान, माधुरी दीक्षित वग़ैरह कई बड़े स्टार आ चुके हैं, तो मैं भी आ गई।

यह शो कैसा है और आपको क्या जज करना है?

यह डांसिंग शो है। इसका कांसैप्ट मुझे बड़ा अच्छा लगा, इसलिए मैं तैयार हो गई। इसका कांसैप्ट यह है कि इसमें हसबैंड-वाइफ़ या प्रेमी-प्रेमिका जोड़ी के साथ उनका एक फ्रैंड यानी यार भी परफॉर्म करेगा। यानी वह यार, लड़की या लड़के दोनों में से किसी एक का दोस्त हो सकता है। कंपीटिशन में यह देखना दिलचस्प होगा कि जोड़ी का ख़ास आदमी किसके साथ बेहतर डांस करता है, यार के साथ या प्यार के साथ। इस शो में मैं जोड़ियों के बीच ग्लैमरस प्वाइंट जज करने वाली हूं। इसी तरह महेश भट्ट और कोरियोग्राफर गणोश हेगड़े अपने-अपने एंगल से देखेंगे।

लड़कों और लड़कियों में ग्लैमर की किन ख़ास बातों को जज करना चाहेंगी?

लड़कों का ड्रैसअप, उनका लुक, एक्सप्रैशन और प्रेज़ेंटेशन देखना चाहूंगी। लड़कियों में भी उनका ड्रैसअप, मेकअप, अदाएं वग़ैरह सब देखूंगी और उनकी जोड़ी के बीच अच्छी कैमिस्ट्री देखना चाहूंगी।

हाल ही में कोलकाता के एक रियलिटी शो में बेंगलूर की एक प्रतियोगी को जज के कमेंटस का इतना बुरा लगा कि उसकी आवाÊा ही बैठ गई? आप इस घटना को कैसे लेती हैं?

मैं कभी इतनी कठोर नहीं हो सकती। मैं तो काफ़ी सॉफ्ट स्पोकन हूं। जान-बूझकर तो मैं कभी किसी को इतनी कड़वी बात नहीं कह सकती। मुझे लगता है कि जिस तरह किसी शो के साथ उसके प्रतियोगी जुड़कर काफ़ी भावुक हो जाते हैं, वैसे ही जज भी हो जाते होंगे। तब भावुकता में किसी के मुंह से कुछ निकल जाता होगा। मैं भी इस शो की शूटिंग करने के साथ काफ़ी इमोशनली जुड़ गई हूं। मुझे तो लगता है कि कहीं जज करते-करते मैं ही न रोने लगूं। मुझे तो ऐसा लग रहा है कि किसी एपिसोड में मैं जरूर रोऊंगी।

स्टेज पर परफॉर्मेस देना और शूटिंग करना कितना चुनौतीपूर्ण और अलग होता है?

नो डाउट, स्टेज पर परफॉर्म करना काफ़ी चैलेंजिंग होता है। वहां पर रीटेक नहीं होता। हालांकि स्टेज पर भी रिहर्सल करके जाते हैं, पर ऐन मौक़े पर अगर आप भूल गए, तो सब गड़बड़ हो सकती है। मुझे याद है कि जब मैं पहली बार स्टेज कर रही थी, तब बीच में मैं अपने स्टैप्स भूल गई थी। मेरा वह पहला स्टेज शो फ़रदीन ख़ान के साथ था। तब मैंने यह सूझबूझ दिखाई कि बिना रुके कुछ न कुछ स्टैप करती रही। मतलब यह कि स्टेज पर परफॉर्म करते समय किसी भी हालत में चेहरे का कान्फीडैंस नहीं गड़बड़ाना चाहिए।

आप आलोचना को किस तरह लेती हैं?

लोग यह नहीं सोचते कि मैं बाहर की दुनिया के लिए एक एक्ट्रेस हूं, पर मैं जब अपने घर के अंदर होती हूं, तो अपने पापा की बेटी होती हूं। रैड्डी परिवार की एक मैंबर होती हूं, जिसके कई रिश्तेदार होते हैं। आख़िर मेरी भी सोशल लाइफ़ है। मुझे भी क्रिटिसि•म का बुरा लगता है, पर उसे मैं पॉजिटिवली भी लेती हूं। पब्लिक फिगर होने के कारण तो हमें हर मौक़े पर आलोचना झेलनी पड़ती है। अगर मुझे सुबह जल्दी एयरपोर्ट पहुंचना हो, तो भी मुझे काफ़ी बन-ठन कर निकलना पड़ेगा। अगर वहां मैं यूं ही साधारण ढंग से चली गई, तो लोग कहेंगे, देखो बड़ी हीरोइन बनती है और कैसे जा रही है। और अगर Êयादा सज-धज गई, तो भी लोग बोलेंगे। तो अपने को दोनों हालात में क्रिटीसाइज़ झेलनी पड़ती है।

आप अपने ड्रैसअप का कैसे ख्याल रखती हैं?

मेरा मानना है कि सबका अपना ख़ास फिगर होता है। उस पर ख़ास टाइप के या डिज़ाइन के ही कपड़े फबते हैं। हमें उन्हें पहचानकर वैसा ड्रैसअप रखना चाहिए। ड्रैस Êयादा अच्छा लग रहा है, यह देखकर नहीं पहनना चाहिए। मुझ पर क्या अच्छा लग रहा है, यह देखना चाहिए।

अगर आपको इस शो ‘कभी कभी प्यार-कभी कभी यार’ में प्रतियोगी बनने का प्रस्ताव दिया जाए, तो आप अपना प्यार और यार किसे चुनेंगी?

वैरी स्मार्ट, अगर मैं अपने लवर के बारे में बता दूंगी, तो आपको मेरी लव लाइफ़ का पता चल जाएगा। तो आपके सवाल का यह पोर्शन तो आप फिनिश समझिए। हां, जहां तक किसी यार के साथ नाचने की बात है, तो मैं सैफ़ अली ख़ान के साथ नाचना चाहूंगी।

आप किसी डांसिंग शो का ही हिस्सा बनना चाहती थीं?

जी हां, पर मैं बच्चों के डांसिंग कंपीटिशन वाले किसी शो का हिस्सा बनना चाहती थी। क्योंकि मुझे बच्चे बड़े अच्छे लगते हैं। जैसे छोटे उस्ताद, लिटिल चैंप वग़ैरह शो मुझे काफ़ी अच्छे लगे थे। घर पर मेरी बहन की बेटी के साथ मैं काफ़ी एंज्वाय करती हूं। वह मुझे सब करके दिखाती है। मेरी एक्ंिटग करती है, तो उसके एक्सप्रैशन देखना बड़ा मÊोदार होता है।

छोटे बच्चों को बड़े कंपीटिशन में डालना आपको कैसा लगता है?

कुछ-कुछ बच्चे तो बड़े खुले हुए होते हैं, तो वे फिट लगते हैं इन कंपीटिशन के लिए। पर कुछ बच्चे जो थोड़ा झिझक वाले होते हैं, उनको Êाबरदस्ती नहीं डालना चाहिए। मेरे बच्चे हुए, तो मैं Êाबरदस्ती उन्हें किसी कंपीटिशन में नहीं डालूंगी। उन पर मैं अपने एंबीशंस नहीं थोपूंगी।

आपकी आगामी रिलीज़ फिल्में कौन-सी हैं?

‘रेस’ में मेरा कॉमेडी कैरेक्टर देखकर वैसी ही फिल्मों के ऑफर आ रहे हैं, पर मैं कुछ बेहतर ऑफर ही एक्सैप्ट करूंगी। मेरी अगली फिल्म ‘रैड अलर्ट’ होगी, जो नक्सलाइट समस्या पर है। इसमें मैं नक्सली का कैरेक्टर प्ले कर रही हूं।





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