bhaskar Web English
HomeNewsChhattisgarhBilaspur Bilaspur

सजा के खिलाफ अपील पर फैसला सुरक्षित

बिलासपुर. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता रामअवतार जग्गी हत्याकांड के मामले में अभियुक्तों की क्रिमिनल अपील पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर दिया है। मामले में सात दिनों तक सुनवाई हुई। इस दौरान 27 अभियुक्तों की ओर से अलग-अलग वकीलों ने पैरवी की। जस्टिस सुनील सिन्हा व जस्टिस टीपी शर्मा की डिविजन बेंच में आज मामले की सुनवाई हुई।

विधानसभा चुनाव के दौरान चार जून 2003 को रायपुर में श्री जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जग्गी परिवार की रिपोर्ट पर इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र अमित जोगी को मुख्य आरोपी बनाया गया था।

विशेष अदालत ने उन्हें पिछले दिनों दोषमुक्त कर दिया, वहीं विश्वनाथ को छोड़कर अन्य सह अभियुक्तों को वर्ष 2007 में सीबीआई की विशेष अदालत ने हत्या के आरोप में धारा 302, 427, 120 बी, 25 व 27 आर्म्स एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विश्वनाथ को पांच साल की सजा दी गई है। ये सभी वर्तमान में जेल में हैं।

इन आरोपियों ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर कर इस सजा को चुनौती दी है। उनका कहना है कि जब मामले के मुख्य आरोपी को रिहा कर दिया गया है, तो उन्हें किस आधार पर सजा दी गई है। अभियुक्तों की अपील पर लगातार सुनवाई चल रही है, लेकिन पिछले सप्ताह बुधवार से शुक्रवार और इस सप्ताह मंगलवार से शुक्रवार सात दिनों तक मामले में बहस हुई।

इस दौरान अभियुक्त याह्या ढेबर की ओर से नागपुर के वकील अविनाश गुप्ता और अरविंद सिंह, अभय गोयल की ओर से मुंबई के वकील एचएस गोंडा, आदिल उन्हास, चिमन सिंह की ओर से जबलपुर के वकील एससी दत्त और सतीशचंद्र वर्मा, विनोद सिंह, शिवेंद्र सिंह, राकेश शर्मा व अन्य की ओर से वकील पीकेसी तिवारी, केए अंसारी, नत्थूलाल सोनी और विश्वनाथ की ओर से वकील उत्तम पांडे ने पैरवी की।

अमित की रिहाई के खिलाफ अपील लंबित
विशेष अदालत द्वारा अमित जोगी को दोषमुक्त करने के विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ भी हाईकोर्ट में अपील लंबित है। स्वर्गीय जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर कर अमित को दोषी बताते हुए सजा देने की मांग की है। इस मामले में भी फैसला होना अभी बाकी है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: