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बड़ों की जेल में नाबालिग

रायपुर. sg बोड़सरा प्रकरण में गिरफ्तार नाबालिगों को जेल में डालने की जानकारी देने पर गृहमंत्री रामविचार नेताम को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे की नाराजगी झेलनी पड़ी। गृहमंत्री ने बाद में उत्तर सुधारने की कोशिश की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष जमकर नाराज हुए।

कांग्रेस विधायक मोहम्मद अकबर ने प्रश्नकाल में यह मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पुलिस ने बोड़सरा प्रकरण में बोधराम (३९), महेंद्र (15), गोलू (15) और सत्यप्रकाश (16) को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है।

नाबालिगों को बाल संप्रेक्षण गृह में रखा जाता है, लिहाजा उन्हें बड़ी जेल में रखना घोर आपत्तिजनक है। आखिर प्रदेश में कौन सा कानून चल रहा है। गृहमंत्री रामविचार नेताम ने उत्तर में संशोधन करने का प्रयास किया कि उन्हें संप्रेक्षण गृह में ही रखा गया। इस पर मोहम्मद अकबर ने आपत्ति की कि आपका जवाब ही सही माना जाएगा।

आप विधानसभा में उत्तर क्या दे रहे हैं? विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे ने भी श्री अकबर की आपत्ति को सही ठहराया। उन्होंने श्री नेताम से कहा कि विधानसभा में पूरी गंभीरता से जवाब देना चाहिए। आप जो जवाब दे रहे हैं, वह तथ्यात्मक होना चाहिए। उन्होंने नाराजगी भरे शब्दों में कहा कि गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

श्री नेताम ने कहा कि वे इस मामले को खुद देखेंगे और गलत जानकारी देने वाले अफसर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्री अकबर ने इस बात पर भी आपत्ति की कि गिरफ्तार करते समय जिन बच्चे की उम्र 16 वर्ष बताई गई, उसे जेल में डालते समय 18 साल का बताया गया है। श्री अकबर ने बच्चों को निशर्त रिहा करने की मांग की लेकिन श्री नेताम ने इस मांग को नामंजूर कर दिया।

ये कौन सी तारीख?
श्री अकबर ने गृह विभाग द्वारा दिए गए जवाब में एक और गलती पकड़ी। सत्यप्रकाश को जमानत पर रिहा करने की तारीख 114 मई बताई गई। उन्होंने कटाक्ष किया कि उनकी जानकारी में 31 के बाद कोई तारीख नहीं होती लेकिन गृह विभाग कहां से यह तारीख ले आया। गृहमंत्री ने इसे टंकण त्रुटि बताते हुए भूल सुधार किया। विधानसभा अध्यक्ष श्री पांडे ने श्री अकबर से कहा कि अंधेरे में बिल्ली पकड़ लाए हो।





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