उदयपुर. राजस्व मंत्री रामनारायण डूडी की भतीजी राजश्री चौधरी को लाभ का पद देने के लिए सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के लॉ कालेज में दो की बजाय चार की भर्ती कर दी गई।
पद बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति भी नहीं ली गई। इस मामले में उच्च शिक्षा सचिव ने भी आपत्ति जताई थी। यह मामला अब भी सरकार के पास लंबित है। उधर लाभ का पद देने के मामले में संभागीय आयुक्त एवं कार्यवाहक कुलपति राजेश्वरसिंह ने रजिस्ट्रार से पत्रावली तलब की है।
राज्य सरकार ने 2006 में सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों में 23 पदों पर भर्ती की अनुमति दी थी। इसमें बाद लॉ कॉलेज के लिए दो पद थे। इसमें एक जनरल और एक ओबीसी के लिए था। भर्ती के लिए यूनिवर्सिटी ने 29 जून 2006 को विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए 20 से 24 जून 2007 के बीच कुलपति प्रो. बीएल चौधरी की अध्यक्षता में साक्षात्कार हुए थे। इसमें लॉ विभाग में स्वीकृत दो पदों के विरुद्ध चार लोगों की नियुक्ति कर दी गई।
जिन चार प्रत्याशियों की नियुक्ति की गई उनमें डॉ. आनंद पालीवाल, डॉ. सुनील आसोपा, डॉ. राजश्री चौधरी और डॉ. शिल्पा सेठ शामिल हैं। इसमें चारों ने सामान्य उम्मीदवार के बतौर आवेदन किया था। जब यूनिवर्सिटी को लगा कि सामान्य कोटे से राजश्री को नियुक्ति नहीं दी जा सकती तब उन्हें ओबीसी में डाल दिया गया। साथ ही उन्हें एडजेस्ट करने के लिए पद भी बढ़ा दिए गए। भर्ती से पूर्व यूनिवर्सिटी ने न तो विज्ञापन जारी किया गया और न ही सरकार से अनुमति ली।
उच्च शिक्षा सचिव ने कुलपति से मांगा था जवाब
अनियमितता की शिकायत मिलने पर उच्च शिक्षा सचिव अतुल गर्ग ने 13 नवंबर 2007 को एक पत्र लिखकर बिना स्वीकृति अधिक पदों पर भर्ती पर आपत्ति की थी। उच्च शिक्षा सचिव ने यूनिवर्सिटी से सवाल किया कि लॉ विभाग में दो पदों के विरुद्ध चार लोगों की भर्ती कैसे कर दी गई। तब तक कुलपति बीएल चौधरी का कार्यकाल समाप्त हो चुका था। उच्च शिक्षा सचिव के पत्र के जवाब में यूनिवर्सिटी की ओर से आपत्ति समाप्त करने की गुहार लगाई थी।
मामले की जांच हो रही है
लॉ कॉलेज में भर्ती के मामले में पत्रावलियों की जांच करवाई जा रही है। रजिस्ट्रार को संपूर्ण विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
—राजेश्वर सिंह, कुलपति एवं संभागीय आयुक्त सुविवि
बढ़ाए जा सकते हैं पद
किसी भी भर्ती में पद घटाए-बढ़ाए जा सकते हैं। राज्य सरकार से अनुमति ली होगी तभी पद बढ़ाए गए होंगे।
—प्रो. बीएल चौधरी, पूर्व कुलपति सुखाड़िया यूनिवर्सिटी