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एजुकेशन लोन: हौसलों को लगाएं पंख

भोपाल के इम्तियाज एमबीए करने चेन्नई जा रहे हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार की आशाओं के केंद्र इम्तियाज के हौसलों को पंख लगाने का काम किया है एक राष्ट्रीयकृत बैंक ने। उसने इम्तियाज को सात लाख रुपए का एजुकेशन लोन स्वीकृत कर दिया है, जिसका पुनर्भुगतान उसे नौकरी मिलने के बाद करना होगा।

आज हर राष्ट्रीयकृत और कई निजी बैंक उच्च शिक्षा के लिए ‘योग्य’ विद्यार्थियों को लोन की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। इससे खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों की वह चिंता काफी हद तक कम हुई है कि अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलवाने के लिए धनराशि का प्रबंध कहां से करेंगे। इस सिलसिले में आरबीआई ने गाइडलाइंस भी जारी की है जिसका पालन सभी बैंकों को करना पड़ रहा है। वैसे ब्याज की दर तय करने, ‘प्रतिभावान’ विद्यार्थी की पहचान और लोन की अधिकतम राशि प्रत्येक बैंक ने अपनी परिस्थिति के अनुसार तय की है।

कौन ले सकता लोन?

उस प्रत्येक विद्यार्थी को एजुकेशन लोन मिल सकता है जिसे बैंक योग्य या प्रतिभावान मानता है। योग्य या प्रतिभावान की कोई परिभाषा तय नहीं की गई है, लेकिन एक बैंक अधिकारी के अनुसार बैंक यह जरूर देखता है कि वह जिस विद्यार्थी को लोन दे रहा है, उसमें उच्च शिक्षा पूरी करने का माद्दा है या नहीं। इसके अलावा रिपेमेंट के मसले पर परिवार की पृष्ठभूमि को भी ध्यान में रखा जाता है। लड़कियों के मामले में कुछ बैंक ब्याज दर में आधे से एक फीसदी की छूट भी देने लगे हैं।

कितना लोन?

लोन की अधिकतम अवधि बैंक-दर-बैंक अलग-अलग हो सकती है। भारत में अध्ययन के लिए अमूमन सात लाख रुपए के आस-पास लोन मिल जाता है, जबकि विदेशों में उच्च अध्ययन करने के इच्छुक विद्यार्थी को 15 से 20 लाख रुपए तक का लोन मिल सकता है। इस लोन पर कुछ बैंक 15 फीसदी तक मार्जिन का प्रावधान भी रखते हैं। लोन केवल कोर्स या टच्यूशन फीस के लिए ही नहीं, बल्कि होस्टल में रहने, पुस्तकों, कम्प्यूटर, यात्रा इत्यादि पर होने वाले खर्च को भी ध्यान में रखकर दिया जाता है। यह भी बैंक-दर-बैंक ही तय होता है और अलग-अलग हो सकता है।

कैसे रिपेमेंट?

नौकरी लगने के छह माह बाद या कोर्स समाप्ति के एक साल बाद में से जो भी अवधि पहले पूरी होती है, उसके हिसाब से उठाए गए लोन की किस्तें शुरू हो जाती हैं। भारत में चूंकि जरूरी नहीं है कि कोर्स पूरा होते ही नौकरी लग जाए, इसलिए बैंक आजकल विद्यार्थी के किसी अभिभावक को भी सह-उधारकर्ता बनानी लगी है। ऐसी स्थिति में साल भर बाद अगर विद्यार्थी लोन का भुगतान नहीं करता है तो अभिभावक की जिम्मेदारी तय की जाती है। वैसे कोर्स के बीच भी अभिभावक चाहे तो लोन की ईएमआई का भुगतान कर सकते हैं।

खास बातें

विभिन्न बैंकों की ब्याज दरें अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए लोन लेने से पहले ब्याज दरों की तुलना अनिवार्य रूप से कर लें।

एजुकेशन लोन में कई बैंक प्रोसेसिंग फीस नहीं लेते। अगर आपका बैंक ऐसा कर रहा है तो उससे मोल-भाव करें।

इस तथ्य का भी ध्यान रखें कि कई बैंक छात्राओं को लोन में ब्याज दर में छूट प्रदान करते हैं।

योग्य या प्रतिभावान छात्र की परिभाषा हर बैंक की अलग-अलग हो सकती है। अत: एक बैंक द्वारा नकारे जाने पर दूसरे बैंक के पास प्रयास करें।

ब्याज दरें

बैक ब्याज दर

इलाहाबाद बैंक 12.50

बैंक आफ बड़ौदा 14

बैंक आफ इंडिया 12.50

बैंक आफ महाराष्ट्र 12.75

सेंट्रल बैंक 12

एचडीएफसी 13-14

आईसीआईसीआई 13.75

इंडियन बैंक 13

पीएनबी 13.50

एसबीआई 13.25

यूको बैंक 13

यूनियन बैंक 12.50

विजया बैंक 11.75

आंध्र बैंक 13.75

केनरा बैंक 13.50

देना बैंक 13.75

आईडीबीआई 13.75

आईओबी 13.25

स्रोत : विभिन्न बैंकों की वेबसाइट्स व बैंक अधिकारी

नोट : यह अधिकतम दर है। स्लैब्स के अनुसार इसमें परिवर्तन हो सकता है।

* ब्याज दर फीसदी में है।





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